जिला सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश पॉक्सो धनंजय चतुर्वेदी की अदालत ने स्कूली छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने वाले युवक को अलग-अलग धाराओं में सात माह के कारावास और पांच हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना कपकोट के अंतर्गत एक गांव निवासी छात्रा को उसी के गांव का एक युवक अक्सर परेशान करता था। युवक ने कई बार छात्रा संग जबरदस्ती की कोशिश की। छात्रा के पिता नहीं हैं। अगस्त 2018 में मामला संज्ञान में आने पर छात्रा के दादा ने गांव में पंचायत बुलाई। पंचायत में आरोपी ने माफी मांगते हुए भविष्य में छात्रा को परेशान न करने का वादा किया लेकिन अगले ही दिन से वह फिर छात्रा परेशान कर शादी के लिए दबाव डालने लगा। तीन अगस्त 2018 को पीड़ित की शिकायत पर कपकोट थाना पुलिस ने धारा 354डी, 506, पॉक्सो की धारा 11/12 के तहत आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
थानाध्यक्ष वंदना चौहान ने मामले की जांच की। इस मामले में निर्भया प्रकोष्ठ की वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा दानू ने भी पीड़ित छात्रा के बयान दर्ज कराते हुए अभियुक्त को सजा देने की मांग अदालत से की। विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो खड़क सिंह कार्की ने अदालत में सात गवाह परीक्षित कराए। जिला सत्र न्यायाधीश आरोपी रतन सिंह को धारा 354 डी में सात माह का कारावास, दो हजार अर्थदंड, धारा 506 में सात माह सजा और पॉक्सो में सात माह सजा और तीन हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड अदा न करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियुक्त इस समय जेल में बंद है।