जिला सत्र न्यायाधीश डा. जीके शर्मा ने पास्को अधिनियम में एक आरोपी पर दोष सिद्ध किया है। इस मामले में राजस्व पुलिस गरुड़ ने 13 मार्च को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अभियुक्त इस समय जेल में है। सजा के मामले में 29 अक्तूबर को सुनवाई होगी।
पीड़िता 15 वर्षीया बालिका के पिता ने गरुड़ के राजस्व पुलिस उपनिरीक्षक को 13 मार्च को एफआईआर दी थी। जिसमें कहा गया है कि 11 मार्च को उनकी पुत्री अचानक गायब हो गई थी। खोजबीन करने पर पता चला कि उसे लीली निवासी अपने साथ ले गया है। उस पर बालिका के साथ दुराचार का आरोप भी लगाया गया।
राजस्व पुलिस ने आईपीसी की धारा 376 (1) और पास्को अधिनियम की धारा चार के तहत नामजद रिपोर्ट दर्ज की। राजस्व पुलिस ने 15 मार्च को अभियुक्त को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया।
बाद में उसे न्यायालय से जमानत मिल गई, लेकिन जमानत का दुरुपयोग करने के कारण उसकी जमानत रद हो गई और उसे फिर से जेल भेज दिया गया। इसके बाद से वह जेल में ही है। इस बीच मामला विशेष सत्र न्यायालय में चला।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष अभियोजक पास्को एडवोकेट डीके जोशी ने बालिका का मेडिकल करने वाले डाक्टर और पुलिस के विवेचक सहित कुल सात गवाह न्यायालय में परीक्षित कराए। अभियुक्त से ताल्लुक रखने वाले तीन अन्य लोगों को भी न्यायालय में तलब किया गया।
बुुधवार को जिला सत्र न्यायाधीश डा. जीके शर्मा ने इस मामले में सुनवाई की। पत्रावली और साक्ष्यों का अध्ययन करने के बाद उन्होंने अभियुक्त हरीश कुमार को दोषी करार दिया। तीन अन्य को भी दोष मुक्त किया गया। इस मामले में सजा की सुनवाई 29 अक्तूबर को होगी।