महिलाओं की सक्रियता और जागरूकता के चलते जिले में महिलाओं के खिलाफ होने वाले हिंसा व उत्पीड़न के मामलों में कमी आई है। पुलिस में पंजीकृत मामलों के अनुसार जिले में महिला हिंसा का ग्राफ घट रहा है। हालांकि 2018 में खुदकुशी के बढ़ते मामलों ने जरूर चिंता बढ़ा दी है।
जिले में महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा में कमी को महिलाओं की जागरूकता व सक्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। जिले में यदि महिला हिंसा के ताजा मामलों का अध्ययन करें तो 2017 के मुकाबले 2018 में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में कमी आई है। दुष्कर्म और दहेज हत्या के मामलों में भी कमी दर्ज की गई।
किस वर्ष कितने मामले दर्ज
वर्ष 2016 2017 2018
पंजीकृत अपराध 33 31 30
दहेज हत्या 03 02 01
आत्महत्या 00 00 03
दुष्कर्म 07 06 03
छेड़छाड़ 09 13 10
अनैतिक अपराध 00 00 02
महिला अपराधों में कमी आना अच्छा संकेत है। महिला जागरूकता, पुलिस व विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा गांव-गांव में लगाए जा रहे विधिक साक्षरता शिविरों के चलते भी महिलाओं व पुरुषों में जागरूकता आई है। जिससे अपराध कम हो रहे हैं। - लता जोशी, प्रभारी महिला सेल