महिलाओं की सक्रियता और जागरूकता के चलते जिले में महिलाओं के खिलाफ होने वाले हिंसा व उत्पीड़न के मामलों में कमी आई है। पुलिस में पंजीकृत मामलों के अनुसार जिले में महिला हिंसा का ग्राफ घट रहा है। हालांकि 2018 में खुदकुशी के बढ़ते मामलों ने जरूर चिंता बढ़ा दी है।
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जिले में महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा में कमी को महिलाओं की जागरूकता व सक्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। जिले में यदि महिला हिंसा के ताजा मामलों का अध्ययन करें तो 2017 के मुकाबले 2018 में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में कमी आई है। दुष्कर्म और दहेज हत्या के मामलों में भी कमी दर्ज की गई।
महिला अपराधों में कमी आना अच्छा संकेत है। महिला जागरूकता, पुलिस व विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा गांव-गांव में लगाए जा रहे विधिक साक्षरता शिविरों के चलते भी महिलाओं व पुरुषों में जागरूकता आई है। जिससे अपराध कम हो रहे हैं। - लता जोशी, प्रभारी महिला सेल