जवड़ास्टेट गांव की प्रधान इंदु गोस्वामी को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2014 में निर्वाचन आयोग को मायके का जाति प्रमाण पेश न करना महंगा पड़ा।
जाति प्रमाण पत्र निरस्त होने पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने ग्राम प्रधान पद को हटाकर उपप्रधान को प्रधान का कार्यभार सौंपने के निर्देश दिए। डीएम के निर्देश पर एडीओ पंचायत ने बुधवार को जवड़ास्टेट गांव के उप प्रधान को प्रधान का चार्ज सौंप दिया।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान अमर उजाला ने ‘महिला दावेदारों को मायके से लाना होगा जाति प्रमाण पत्र’ शीर्षक से खबर प्रमुखता से छापी थी।
अधिकतर दावेदारों ने नामांकन के साथ मायके का जाति प्रमाण पत्र पेश किया था। जाति प्रमाण पत्र की अनिवार्यता पर जवाड़ास्टेट की प्रधान इंदु गोस्वामी ने भी ससुराल के पते पर बना जाति प्रमाण पत्र संलग्न किया था।
गांव के पूर्व प्रधान भरत सिंह ने प्रधान पद पर निर्वाचित इंदु के प्रमाण पत्र को फर्जी बताते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की थी। सूचना अधिकार के तहत भी इंदु की असली जाति की जानकारी मांगी थी।
पूर्व प्रधान की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम बीएस मनराल ने निर्वाचित प्रधान की जाति प्रमाण पत्र की जांच करवाई।
जांच के बाद अवैध मानते हुए इंदु का जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया, हालांकि डीएम ने प्रधान पद पर निर्वाचित इंदु से मायके का जाति प्रमाण पत्र पेश करने को कहा।
फिलहाल वह वैध जाति प्रमाण पत्र पेश नहीं कर सकीं। डीएम के आदेश पर पंचायत विभाग ने बुधवार को गांव के उप प्रधान देवेंद्र सिंह पिमोली को प्रधान का चार्ज सौंप दिया है।
वहीं हटाई गई प्रधान इंदु का कहना है कि वह जल्द डीएम के समक्ष जाति प्रमाण पत्र पेश करेंगी। जवड़ा के ग्रामीणों समेत कैप्टन पुष्कर सिंह ने जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्णय को सही बताया है।