बागेश्वर। अमस्यारीकोट में खेत में लगे ट्रांसफार्मर के सपोर्ट वायर में फैले करंट की चपेट में आने से मारी गई महिला गीता देवी के पति चंदन सिंह ने कोतवाली में ऊर्जा निगम के अधिकारी-कर्मी, ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
मंगलवार को गीता देवी (30) पत्नी चंदन सिंह निवासी अमस्यारीकोट खेत में रोपाई कर रही थी। हल का जुआ खेत में लगे ट्रांसफार्मर के सपोर्ट वायर में फंस गया था। वायर में फैले करंट की चपेट में आने से गीता देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि रमेश सिंह और शेर सिंह गंभीर रूप से झुलस गए थे। इन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
वहीं मंगलवार देर शाम हरुली देवी पत्नी रमेश सिंह, हंसी देवी पत्नी शेर सिंह को भी जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई थी। इधर मृतका के पति चंदन सिंह ने ऊर्जा निगम के अधिकारी, कर्मी, ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दफा 304, 338, 419 में मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाल टीआर वर्मा ने बताया कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
.... तो क्या बिजली विभाग की गलती से गई गीता की जान
ग्रामीणों की माने तो गीता देवी के खेत में लगे ट्रांसफार्मर में शुरुआत से ही तकनीकी गड़बड़ी थी। हाईटेंशन लाइन में जंपर लगाने के बाद जब सप्लाई चालू कर रहे थे तो धमाके के साथ चिंगारी निकलती और जंपर टूट जाता। यह तीन-चार बार हो चुका था। ग्रामीणों का आरोप है कि इस बार भी यही हुआ। हाईटेंशन लाइन का जंपर टूटकर ट्रांसफार्मर के सपोर्ट वायर से टच हुआ। इससे वायर में आया करंट पूरे खेत में फैल गया इसी से यह हादसा हुआ। गुस्साए ग्रामीणों ने बताया कि गलती छिपाने को ऊर्जा निगम कहानियां बना रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि ऊर्जा निगम इस कमी को दूर कर देता तो गीता की जान बच सकती थी।