कपकोट (बागेश्वर)। महज 9.46 लाख रुपये की लागत के प्रस्ताव पर अटके मरम्मत कार्य ने सुडिंग गांव समेत चार गांवों की 700 से अधिक आबादी को खतरे में डाल दिया है। चुड़िया गधेरे पर बना पैदल पुल और उसका पहुंच मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त है। रोजाना बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं इसी जर्जर पुल से गुजरने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले साल बारिश में पुल का पहुंच मार्ग टूट गया था लेकिन विभाग ने ध्यान नहीं दिया। इस बार हालात और बिगड़ गए हैं। चौड़ी दरारों और धंसे रास्ते से लोग जोखिम उठाकर आवाजाही कर रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो पुल कभी भी गिर सकता है और बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
ग्राम प्रधान प्रवीण मटियानी सहित ग्रामीण राजू टाकुली, कुंदन सिंह कपकोटी, बलबीर सिंह टाकुली और शांति मटियानी ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले एक साल से मरम्मत की मांग हो रही है लेकिन विभाग कागजों में प्रस्ताव भेजने तक ही सीमित है।