बागेश्वर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सेवा समाप्ति का पत्र मिलने के बाद कोविड आउटसोर्स कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार से अनिश्चतकालीन धरना शुरू कर दिया है। कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया और जल्द समायोजन करने की मांग की।
कोविड काल में स्वास्थ्य विभाग की ओर से डाटा इंट्री ऑपरेटर, एएनएम, पर्यावरण मित्र, तकनीशियन समेत अन्य पदों पर तैनात किए गए आउटसोर्स कर्मचारियों को पिछले साल 31 मार्च को सेवा से हटा दिया गया था। छह महीने तक कर्मियों ने आंदोलन किया, जिसके बाद उन्हें छह महीने का सेवा विस्तार दिया गया था। बीती 15 मार्च को फिर से कोविड आउटसोर्स कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। इससे उनका भविष्य अधर में लटक गया है। कहा कि जब तक सरकार उनकी सेवा विस्तार और समायोजन की मांग पूरी नहीं करेगी आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर संजय कनौजिया, उमेश कुमार, रोहित कुमार, भागी चंद्र धौनी, गीता, पूजा सोनी, कोमल, गंगा देवी, पूजा कनौजिया, नीलम, रितु आदि मौजूद रहे।
सरकार कोविड आउटसोर्स कर्मचारियों के भविष्य की अनदेखी कर रही है। जल्द सभी कर्मचारियों के समायोजन की मांग पूरी की जानी चाहिए।
- बलवंत सिंह नगरकोटी, कोविड आउटसोर्स कर्मी, बागेश्वर।
कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए आउटसोर्स कर्मचारियों ने जान जोखिम में डालकर विभाग में सेवा दी। इसके बावजूद सरकार हमारे भविष्य से खिलबाड़ कर रही है। -अमर सिंह, कोविड आउटसोर्स कर्मी, बागेश्वर।
पूर्व में भी हमें सेवा विस्तार के लिए छह महीने आंदोलन करना पड़ा था। सरकार ने समायोजन का आश्वासन दिया था, लेकिन सेवा विस्तार तक नहीं दिया।
- रितू कनौजिया, कोविड आउटसोर्स कर्मी, बागेश्वर।
कोरोना महामारी में दिन-रात एक करके अपनी जिम्मेदारी निभाई, इसके बावजूद सरकार हमारी उपेक्षा कर रही है। सेवा विस्तार के लिए आंदोलन का सहारा लेना पड़ रहा है। - कमला देवी, कोविड आउटसोर्स कर्मी, बागेश्वर।