बागेश्वर। सिविल जज न्यायिक मजिस्ट्रेट पुनीत कुमार की अदालत ने कपकोट के कफौली गांव में करंट से तीन लोगों की मौत के मामले में आरोपी जेई और लाइनमैन को दोषमुक्त किया है। मामले में फिर एक बार बागेश्वर पुलिस की कमजोर विवेचना सामने आई है। इस मामले में सरकारी मुलाजिम आरोपियों पर केस चलाने से पहले सरकार से अनुमति न लेने का लाभ मिला।
पांच दिन से बिजली आपूर्ति बाधित होने से परेशान कफौली के ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम कार्यालय में शिकायत की थी। अभियोजन के कथानक के अनुसार 16 अप्रैल 2020 को जेई राजेंद्र सिंह शाही और लाइनमैन राजू शाही आपूर्ति बहाल करने के लिए गांव पहुंचे। यूपीसीएल कर्मचारी ग्रामीणों की मदद से पोल का तार बदल रहे थे। तभी अचानक लाइन का तार पास से गुजर रही 33 केवी लाइन के संपर्क में आ गया। शटडाउन न लेने के कारण उस लाइन में करंट दौड़ रहा था। इस कारण फैले करंट की चपेट में आने से ग्रामीण नवीन पांडेय और गोपाल दत्त जोशी की मौत हो गई। हादसे में भुवन सिंह कोरंगा झुलस गया था। उसकी हल्द्वानी में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी।
इस मामले में ख्याली दत्त जोशी ने जेई और लाइनमैन के खिलाफ कपकोट थाने में तहरीर दी। पुलिस ने धारा 304 ए के तहत केस दर्ज किया। विवेचना के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय में अभियोजन पक्ष ने 20 गवाह पेश कराए। आरोपियों की ओर से अधिवक्ता मनोज जोशी ने मामले की पैरवी की। न्यायालय ने कहा कि आरोपी लोक सेवक हैं। उनके खिलाफ अभियोग चलाने के लिए दंड संहिता प्रावधानों के अनुसार सरकार की पूर्वानुमति जरूरी है। इस मामले में अनुमति नहीं ली गई है जिस कारण आरोपियों को दोषमुक्त किया जाता है।