बागेश्वर। जिला सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के आरोपी को दोषमुक्त किया है। मामला वर्ष 2020 का है।
पांच अप्रैल 2020 को वादी मदन राम पुत्र तिल राम निवासी तिलाई (चचई) ने कपकोट थाने में धरम सिंह निवासी पुड़कूनी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कराया था। वादी ने तहरीर में बताया था कि चार अप्रैल 2020 को उसकी पत्नी नंदी देवी गांव की दो अन्य महिलाओं गंगा देवी और इंद्रा देवी के साथ जंगल चारा लेने गई थी। दोपहर करीब 12 बजे गंगा देवी ने वादी को फोन किया और जंगल आने के लिए कहा। वादी अपने पुत्र, भाभी और भतीजी को लेकर जंगल गए। उन्होंने अपनी पत्नी को झुलसी हुई अवस्था में मृत देखा। गंगा देवी ने उन्हें बताया कि नंदी देवी जंगल की आग से झुलस गई थी, इंद्रा देवी को भी उसने झुलसते हुए देखा। इस बीच वादी ने आरोपी को बकरियों के साथ जंगल से जाते देखा। उसे रोकने का प्रयास किया तो वह तेजी से चला गया। वादी अपनी पत्नी का शव लेकर गांव पहुंचा। ग्राम प्रधान को बताई। मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने खोजबीन कर दूसरी महिला का शव झुलसी अवस्था में बरामद किया।
गंगा देवी ने वादी को बताया कि जंगल में धरम सिंह ने ही आग लगाई है। धरम सिंह का कहना था कि उसे महिलाओं के जंगल में होने की जानकारी नहीं थी। पुलिस ने मामले में धारा 304 आईपीसी और 26 (1)(बी) भारतीय वन अधिनियम के तहत केस दर्ज किया। विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से 15 गवाह पेश कराए गए। न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपी को दोषमुक्त करने का फैसला दिया। आरोपी की ओर से अधिवक्ता नरेंद्र सिंह कोरंगा ने मामले की पैरवी की।