बागेश्वर। अपर सेशन जज बागेश्वर की अदालत ने सीजेएम न्यायालय के फैसले को पलटते हुए मोबाइल फोन चोरी के आरोपी को बरी कर दिया है।
बचाव पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार नगर निवासी संगीता धामी ने कोतवाली में तहरीर देकर कहा था कि वह तीन सितंबर 2021 की सुबह साढ़े सात बजे कमरे से कंप्यूटर क्लास के लिए पैदल जा रही थी। सुबह 7.40 बजे भतरौला में नहर वाले रास्ते पर एक लड़का आया और पीछे से धक्का देकर उसे गिरा दिया। उसके हाथ से मोबाइल छीनकर भाग गया। तहरीर के आधार पर कोतवाली में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धारा 365 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की विवेचना एसआई पंकज जोशी ने की। विवेचक ने जांच के बाद धीरज कुमार निवासी निकट कंट्रीवाइड स्कूल बागेश्वर को आईपीसी की धारा 392, 411 के तहत गिरफ्तार कर लिया। आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अभियोजन पक्ष ने चार गवाह परीक्षित कराए। 29 मार्च 2022 को सीजेएम न्यायालय ने आरोपी को धारा 392 में दो वर्ष का कठोर कारावास, दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। धारा 411 में दो वर्ष का कठोर कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी की ओर से सत्र न्यायालय में अपील की गई। अपर सेशन जज पंकज तोमर की अदालत ने पत्रावली के विश्लेषण और बहस में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत अभियोग तो संदिग्ध पाया। मंगलवार (12 जुलाई) को फैसला सुनाते हुए अपर सेशन जज की अदालत ने कहा कि आरोपी से कथित बरामदगी पर न्यायालय बिल्कुल विश्वास नहीं करता है। अदालत ने सीजेएम कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा को खारिज करते हुए आरोपी को अपराध से दोषमुक्त करार दिया। आरोपी की ओर से एडवोकेट सीएस मिश्रा ने पैरवी की।