सरकार विभागों के अफसरों की हीलाहवाली हादसों का सबब बन रही हैं। कहीं सड़कों में गड्ढे पड़े हैं तो कहीं पुल का लिंटर दरक रहा है, लेकिन कोई सुधलेवा नहीं। वन निगम के अफसरों की लेटलतीफी भी किसी से छुपी नहीं। निगम ने पेड़ों के गिल्टे काटकर कांडा मार्ग पर डाल दिए हैं। शिकायत के बाद भी उन्होंने उठाने की जहमत नहीं की। अब हादसे होते रहें या लोग चोटिल होते रहें, अफसर इसके लिए कभी जिम्मेदार नहीं माने जाते।
15 और 16 जनवरी को भारी हिमपात से कांडा मार्ग के मनकोट के आसपास बड़ी संख्या में चीड़ के पेड़ टूट गए थे। वन विभाग ने पेड़ों को काटने का जिम्मा निगम को दिया। निगम को गिल्टे बनाकर हल्द्वानी डिपो भेजने थे, लेकिन बड़ी संख्या में गिल्टे सड़क किनारे डाल दिए हैं। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत निगम के अफसरों से की, पर किसी ने नहीं सुना। वन विभाग ने भी इस ओर देखने की जरूरत नहीं समझी। तीव्र मोड़ पर गिल्टे पड़े होने की वजह से अक्सर हादसे का अंदेशा बना हुआ है।
इधर, वन विभाग के उपप्रभागीय वनाधिकारी एसएन त्रिपाठी ने बताया वन निगम को इसके लिए निर्देशित किया जाएगा, जिससे कि जल्द से जल्द सड़क से गिल्टे हटाए जा सकें।