बागेश्वर/कपकोट। बरसात ने जल संस्थान के फिल्टरेशन सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। जिला मुख्यालय में मिट्टीयुक्त गंदे पानी की आपूर्ति की जा रही है। नलों में गंदा पानी आने से लोग पीने के पानी के लिए प्राकृतिक जलस्रोतों की दौड़ लगा रहे हैं। उधर, नगर पंचायत क्षेत्र में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। लोगों को नियमित पानी नहीं मिल रहा है। आक्रोशित लोगों ने समस्या का जल्द निदान नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
जुलाई की शुरूआत से जिला मुख्यालय में गंदे पानी की आपूर्ति की जा रही है। मिट्टी मिश्रित पानी की आपूर्ति के कारण लोगों की टंकियों में मिट्टी जमा हो गई है। पानी पीने योग्य न होने के कारण लोग प्राकृतिक जलधारों से पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। जिला मुख्यालय के सेनौला, बिलौना रोड स्थित माघ के धारे में सुबह से देर रात तक लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। लोग जलस्रोतों से पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। गंदे पानी की आपूर्ति से उपभोक्ताओं में रोष बना हुआ है। फिल्टरेशन व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उधर, कपकोट नगर और आसपास के गांवों के लिए छेती नामक स्थान से करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई पेयजल योजना से पानी की अनियमित आपूर्ति हो रही है। योजना से नगर के कपकोट बाजार, भराड़ी, बमसेरा, ऐठाण, पालीडुंगरा, जाजर, हिचौड़ी, तहसील मार्ग और नगर में पेयजल की आपूर्ति होती है। पिछले एक सप्ताह से नगर क्षेत्र के लोगों ुको पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है। भराड़ी के वरिष्ठ व्यापारी शेर सिंह ऐठानी, दीपक सिंह, प्रेम सिनह, सुंदर सिंह, केशर सिंह, दलीप सिंह, प्रेमा देवी, हंसी देवी, किशोर कुमार आदि ने जल संस्थान से जल्द पेयजल किल्लत को दूर करने की मांग करते हुए कहा है कि पर्याप्त पानी नहीं मिलता है तो वह लोग आंदोलन शुरू कर देंगे।
कपकोट नगर में पंपिंग योजना से पानी की सप्लाई होती है। इन दिनों अधिकांश समय बिजली कटौती होने से टैंक पूरा नहीं भर पा रहा है। रोस्टर के अनुसार पानी की आपूर्ति की जा रही है। हर क्षेत्र में रोजाना कम से कम दो घंटे पानी की आपूर्ति की जा रही है।
कैलाश जोशी, एई जल संस्थान कपकोट