बागेश्वर के पेट्रोल पंप में तेल भरवाते दुपहिया चालक। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। लॉकडाउन के बाद अधिकांश वाहनों का संचालन बंद होने से जहां वातावरण शुद्ध हुआ है। प्रदूषण में नियंत्रण आया है वहीं दूसरी ओर पेट्रोल और डीजल की खपत एक चौथाई भी नहीं गई है। पंप स्वामियों को जबरदस्त नुकसान झेलना पड़ा है। लॉकडाउन के बाद आम वाहनों का संचालन बंद होने से जिले के 7 पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की खपत काफी कम हो गई है। बागेश्वर के भारत पेट्रोलियम के मैनेजर महेश गिरी ने बताया कि लॉकडाउन से पहले रोज ढाई से तीन हजार लीटर पेट्रोल की खपत होती थी। उसके बाद 700, 800 लीटर ही पेट्रोल बिक रहा है। 15 से 20 हजार लीटर डीजल की रोज खपत होती थी। लॉकडाउन के बाद यह आंकड़ा 400, 500 लीटर पर आ गया था। बीती 20 अप्रैल से माइन आदि खुलने पर डीजल की खपत बढ़ी है। अब 7 से 8 हजार लीटर डीजल की खपत रोज हो रही है। बागेश्वर में 6 पेट्रोल पंप हैं। एक पंप बैजनाथ में है। सभी पंपों में डीजल, पेट्रोल की बिक्री में काफी कमी आई है। एक प्रकार से पंप कर्मचारी खाली बैठे हैं। पंप संचालकों को लॉकडाउन हटने का बेसब्री से इंतजार है। लॉकडाउन हटने के बाद पेट्रोल और डीजल के पंपों पर वाहनों का भारी दबाव रहेगा, यह निश्चित है।