बागेश्वर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने गैस सिलिंडर फटने के मामले की सुनवाई करते हुए प्रभावित शिकायतकर्ता के पक्ष में निर्णय दिया है। आयोग ने प्रतिवादी कंपनी को एकमुश्त 8,50,000 रुपये का भुगतान छह प्रतिशत साधारण सहित 45 दिन के भीतर अदा करने का आदेश सुनाया। कंपनी को शिकायतकर्ता को मानसिक वेदना के लिए 50,000, वाद व्यय के 20,000 रुपये भी इसी अवधि में चुकाने होंगे।
11 जनवरी 2019 को कांडा तहसील क्षेत्र के बजीना गांव निवासी ममता कांडपाल के घर में सिलिंडर फट गया था। घटना खाना बनाते समय पुराना सिलिंडर खत्म होने के बाद नया लगाने के दौरान हुई। नए सिलिंडर के वॉल्व से गैस रिसाव हुआ और बिजली के बल्ब ने आग पकड़ ली थी। घटना में ममता के दोनों पैर झुलस गए और उन्हें 16,50,000 रुपये का नुकसान हुआ।
12 जनवरी को उन्होंने कांडा थाने में शिकायत दर्ज कराई और 19 जनवरी को कांडा गैस सर्विस कार्यालय जाकर प्रबंधक से प्रतिपूर्ति की मांग की। प्रबंधक ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी नैनीताल को सूचित करने की बात कही। कई बार कहने के बावजूद मुआवजा नहीं मिलने पर ममता ने उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में कुमाऊं मंडल विकास निगम नैनीताल, प्रबंधक गैस सर्विस कांडा, प्रबंधक मार्केटिंग डिविजन इंडियन ऑयल काॅरपोरेशन मुंबई, शाखा प्रबंधक नेशनल इंश्यारेंस कंपनी नैनीताल और आईसीआई लॉम्बार्ड हाउस मुंबई के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
आयोग के अध्यक्ष रमेश कुमार जायसवाल, सदस्य रमेश चंद्र सनवाल और हंसी रौतेला ने सुनवाई करते हुए कुमाऊं मंडल विकास निगम नैनीताल, प्रबंधक गैस सर्विस कांडा और प्रबंधक नेशनल इंश्योरेंस कंपनी नैनीताल के विरूद्ध प्रस्तुत परिवाद को समाप्त किया।
मामले में प्रबंधक मार्केटिंग डिविजन इंडियन ऑयल काॅरपोरेशन, आईसीआई मुंबई को दोषी पाते हुए उनके खिलाफ परिवाद को स्वीकार किया। आयोग ने गवाहों के बयान पत्रावलियों के साक्ष्यों के आधार पर पीड़ित के पक्ष में निर्णय सुनाया।