बागेश्वर। विकास कार्यों की सुस्त चाल की अक्सर चर्चा होती है, लेकिन देवनाई-चौखुटिया मोटरमार्ग निर्माण की गति इस मामले में रिकॉर्ड तोड़ती नजर आ रही है। पिछले 40 वर्षों में मात्र 13 किमी मोटर मार्ग ही बन पाया है। इसमें से भी पांच किमी सड़क को डामरीकरण का इंतजार है।
गरुड़ पुल से देवनाई-चौखुटिया सड़क की शुरुआत होती है। 1960 में इस सड़क का देवनाई-चौखुटिया मोटरमार्ग के नाम से सर्वे हुआ था। पुल के पास मोटर मार्ग के नाम का बोर्ड भी लगा था, जिसे बाद में हटा दिया गया। वर्तमान में सड़क का निर्माण सिमपुर (भिटारकोट) तक हुआ है। चौखुटिया मोटर मार्ग के सूखाताल में मिलान के लिए अब भी सड़क पर 16 किमी से अधिक का कटान होना है। अणां के जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि सुनील दोसाद बताते हैं कि मोटर मार्ग का निर्माण नहीं होने से देवनाई घाटी के कई गांव अब भी विकास से कोसों दूर हैं। सब्जी, फल और अनाज उत्पादन के लिए जाना जाने वाला यह क्षेत्र मोटर मार्ग नहीं होने से उपेक्षित है। इस कारण यहां के उत्पाद बाजार तक नहीं पहुंच पाते हैं। कहा कि अगर मोटर मार्ग पूरा बन जाएगा तो गरुड़ से चौखुटिया की दूरी 35 किमी के करीब रह जाएगी। वहीं गैरसैंण जाना भी अधिक दूर नहीं होगा और क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
कई बार लगाई गुहार, अब करेंगे चुनाव बहिष्कार
बागेश्वर। भिटारकोट गांव के पूर्व कैप्टन गोविंद सिंह डसीला, ग्राम प्रधान हेमलता डसीला, पूरन सिंह, सरपंच कुंदन डसीला, शंभू दत्त कांडपाल, मंजू डसीला, बहादुर सिंह आदि ने बताया कि नौगांव से भिटारकोट तक मोटर मार्ग में सोलिंग और डामरीकरण नहीं हुआ है। बारिश के दिनों में सड़क में पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। कई गांव अब तक वाहन सुविधा से वंचित है। बताया कि पूर्व में कई बार शासन-प्रशासन को ज्ञापन दिए। धरना-प्रदर्शन करने का भी कोई लाभ नहीं हुआ। ग्रामीणों ने आगामी अगस्त महीने में धरना देकर आंदोलन करने और 2022 के विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने की भी चेेतावनी दी है।
देवनाई-चौखुटिया मोटर मार्ग का निर्माण भिटारकोट तक हो चुका है। आगे के लिए 16 किमी की सर्वे की गई है। जिसमें वन भूमि हस्तांतरण की फाइल तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। कच्ची सड़क में डामरीकरण का कार्य भी जल्द कराया जाएगा। - एसके पांडेय, अधिशासी अभियंता, लोनिवि बागेश्वर।
दो महीने में उखड़ गया पनौरा मार्ग पर किया डामर
कपकोट/बागेश्वर। कपकोट के पनौरा मोटरमार्ग पर मार्च में डामर किया गया था। सड़क पर किया गया डामर दो माह में ही उखड़ने से ग्रामीणों में रोष है। उन्होंने डामरीकरण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करते हुए लोनिवि के ईई को ज्ञापन सौंपा और जल्द मोटरमार्ग पर दोबारा गुणवत्तायुक्त डामरीकरण और नालियों की मरम्मत करने की मांग की।
पनौरा मोटर मार्ग पर लोनिवि ने मार्च के अंतिम सप्ताह में डामरीकरण करवाया था। डामरीकरण के समय भारी रोलर का प्रयोग नहीं किया गया। उस समय व्यापार मंडल अध्यक्ष तारा सिंह कपकोटी के नेतृत्व में क्षेत्रवासियों ने इसका विरोध भी किया था। तब विभाग ने बेहतर तरीके से डामरीकरण का आश्वासन दिया था, लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ। इसके कारण कुछ ही समय में सड़क से डामर उखड़ने लगा। क्षेत्र के युवाओं ने लोनिवि के ईई को दिए ज्ञापन में कहा कि मात्र दो महीने के भीतर ही सड़क के कई हिस्सों से डामर उखड़ गया है। भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही से मार्ग पर गड्ढे भी हो गए हैं। इसके चलते छोटे वाहन चालकों को भारी दिक्कत हो रही है। युवाओं ने लोनिवि से जल्द सड़क पर डामरीकरण करवाने की मांग की है। अधिक धंसाव वाले स्थानों पर सीसी करवाने और नालियों की मरम्मत करने की भी मांग की। कहा कि अगर भारी बारिश से पूर्व डामरीकरण का काम नहीं हुआ तो लोगों की परेशानी बढ़ जाएगी। ज्ञापन देने वालों में विनोद कपकोटी, गजेंद्र कपकोटी, गंगा सिंह बसेड़ा, लोकेश कपकोटी, शेर सिंह बड़ती आदि मौजूद रहे।
अम्याड़ी-कुणकोली मोटरमार्ग बदहाल
रानीखेत (अल्मोड़ा)। अम्याड़ी-कुणकोली मोटरमार्ग पर डामरीकरण नहीं होने से ग्रामीण परेशान हैं। मोटरमार्ग को स्वीकृति मिलने के बाद 2008 में पहाड़ कटान हुआ था। रधुलीपीपल इंटर कॉलेज समेत चलसिया पड़ोली, अम्याड़ी, कुणकोली, नौघर आदि गांव इस सड़क से जुड़े हैं लेकिन डामरीकरण न होने से सड़क पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील होकर रह गई है। बरसात में सड़क की हालात और खराब हो जाती है।
कैंसर विशेषज्ञ पद्मश्री स्व. मोहन चंद्र पंत के गांव कुणकोली को जोड़ने वाली इस सड़क का निर्माण हुए लगभग 12 साल हो गए हैं। अभी तक सड़क पर न तो डामर हुआ है और न ही सोलिंग का कार्य हो सका है। लोनिवि निर्माण खंड कई बार इस्टीमेट बनाकर शासन को भेज चुका है, लेकिन अभी तक प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल सकी है। सड़क की हालत खराब है। बरसात में सड़क पर वाहन फंस जाते हैं। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में ग्रामीणों के पसीने छूट रहे हैं। बदहाल सड़क के कारण 108 एंबुलेंस वाहन तक गांव में नहीं पहुंच पाती है। लोनिवि निर्माण खंड के ईई एमसी जोशी का कहना है कि 2.50 करोड़ रुपये का नया प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। विधायक करन माहरा का पत्र भी इस प्रस्ताव में शामिल किया गया है। यह फाइल शासन स्तर पर लंबित है।