उत्तराखंड के विकास के बजट में केंद्र सरकार द्वारा की जा रही कटौती के विरोध में कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ ने यहां तहसील मुख्यालय पर धरना दिया और राष्ट्रपति को इस संबंध में ज्ञापन भी भेजा।
यहां तहसील परिसर में धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष बालकृष्ण के नेतृत्व में सभा भी की। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि बजट में कटौती के कारण राज्य में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
अनुसूचित जाति के बच्चों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पा रही है। पेट्रोल के दामों में बढ़ोतरी से लोग परेशान हैं। उत्तराखंड में रोजगार के नए अवसरों से बेरोजगारी कम करने और पलायन रोकने की संभावनाएं हैं, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार राज्य के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।
जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इस संबंध में प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भी भेजा गया। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी ने की। इस मौके पर प्रदेश संयोजक सुनीता टम्टा, जिलाध्यक्ष अनीता टम्टा, दिनेश कुमार, गीता रावलत, ईश्वर पांडे, पनीराम कोहली, अंकुर उपाध्याय, मोहन लाल, जगदीश आर्य, कुलदीप मेहता, ओम प्रकाश, संतोष टम्टा, नवीन कुमार, नीरज कुमार, अंकुर कुमार, चंदन कुमार सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे।