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चुनाव से पहले नजर आने लगी कांग्रेस की अंदरूनी कलह

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बागेश्वर। विधानसभा चुनाव शुरू होने में भले ही अभी समय हो, लेकिन कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी तेज हो गई है। इसका नजारा पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में 20 मई को लगे रक्तदान शिविर पर दिखा। इसमें जिला सोशल मीडिया प्रभारी पर जिलाध्यक्ष और राष्ट्रीय महासचिव को अलग-अलग रिपोर्ट भेजने का आरोप लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इसे अनुशासनहीनता और कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने वाला बताते हुए विरोध जताया। वहीं जिलाध्यक्ष ने भी मामले का संज्ञान लेने की बात कही है।
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बृहस्पतिवार को सद्भावना दिवस मनाते हुए कांग्रेसियों ने ब्लड बैंक में रक्तदान किया, जिसकी रिपोर्ट कांग्रेस के जिला सोशल मीडिया प्रभारी ने मीडिया, जिलाध्यक्ष और राष्ट्रीय सचिव के ग्रुपों में प्रेषित की। पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मीडिया, जिलाध्यक्ष को भेजी गई रिपोर्ट और राष्ट्रीय महासचिव को भेजी गई रिपोर्ट में जमीन-आसमान का अंतर है। राष्ट्रीय महासचिव को भेजी गई रिपोर्ट में प्रदेश महामंत्री बालकृष्ण का विशेष का उल्लेख किया गया है, जिससे रक्तदान में शामिल और अन्य कार्यकर्ताओं में रोष है। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष से इस मामले का संज्ञान लेने और पार्टी के भीतर चल रहे कार्यों पर नजर रखने की मांग की है। हालांकि मामले में लग रहे आरोपों को सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष ने निराधार बताया है।
कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री बालकृष्ण ने सद्भावना दिवस पर भी उन्होंने रक्तदान को प्रेरित किया था। इसके बाद मैंने और एक अन्य ने रक्तदान किया। कार्यक्रम जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में ही था। रिपोर्ट को अनावश्यक तूल देने का कार्य किया जा रहा है। - धीरज कुमार, जिलाध्यक्ष सोशल मीडिया, कांग्रेस
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पूर्व प्रधानमंत्री की पुण्यतिथि पर केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व के दिशा निर्देशन में जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में रक्तदान शिविर लगा। कार्यक्रम की रिपोर्ट भेजते समय सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष ने गुमराह करने का काम किया है। राष्ट्रीय महासचिव को भेजी गई रिपोर्ट में आइसोलेशन में रहने वाले कार्यकर्ता को अन्य कार्यकर्ताओं पर तरहीज दी गई है। इससे रक्तदान को आए कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट रहा है। इस तरह के कार्य पार्टी हित में ठीक नहीं हैं। - ललित फर्स्वाण, पूर्व विधायक और प्रदेश महामंत्री कांग्रेस
सद्भावना दिवस कार्यक्रम पर रक्तदान शिविर में जाने के लिए मैंने कार्यकर्ताओं को कहा था। ऐसे में अगर रिपोर्ट में किसी कार्यकर्ता ने मेरा जिक्र कर दिया तो यह बहुत बड़ा मामला नहीं है। मैं लगातार क्षेत्र में कार्य करता हूं। अगर आइसोलेट नहीं होता तो रक्तदान कार्यक्रम में भी मौजूद रहता। - बालकृष्ण, प्रदेश महामंत्री कांग्रेस
पार्टी के भीतर गुटबाजी जैसी कोई बात नहीं है। हालांकि जिस तरह से अलग-अलग रिपोर्ट भेजने की बात हो रही है, उसका संज्ञान लिया जाएगा। सभी लोगों से मिल बैठकर बात की जाएगी। पार्टी के भीतर एक दूसरे का सम्मान और सामूहिक रूप से पार्टी को मजबूत करना हर कार्यकर्ता का पहला उद्देश्य होना चाहिए। जिन कार्यों से पार्टी की छवि को नुकसान हो और पार्टी कमजोर हो रही है, ऐसे कार्य किसी की ओर से नहीं किए जाने चाहिए। - लोकमणि पाठक, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
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