सरयू बगड़ में उक्रांद की सभा में राज्य के नवनिर्माण के लिए एक बड़े आंदोलन की आवश्यकता पर बल दिया गया। पार्टी अध्यक्ष पुष्पेश त्रिपाठी और शीर्ष नेता काशी सिंह ऐरी सहित सभी वक्ताओं ने कहा कि राज्य बनने के बाद सत्ता पर ऐसी ताकतें काबिज रहीं, जिन्हें क्षेत्र से पहले कभी कोई सरोकार नहीं था।
शीर्ष नेतृत्व ने कहा कि उत्तराखंड का विकास यूपी जैसे बड़े राज्य में संभव नहीं था। उक्रांद ने अलग पर्वतीय राज्य की मांग उठाई और लंबा संघर्ष किया। तब भाजपा और कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व इस मांग पर उपहास करता था। बाद में आंदोलन के दबाव में राज्य का गठन किया।
शुरू से ही राजनैतिक दलों के स्थानीय नेता, राष्ट्रीय नेतृत्व के इशारे पर राज्य के हितों के साथ खिलवाड़ करते रहे। आंदोलनकारी ताकतें हाशिए पर चली गईं। सभा में पूर्व अध्यक्ष डॉ. नारायण सिंह जंतवाल, जगदीश बुधानी, मनोज जोशी, महेश पंत, लछम राम, कैलाश फुलारा, अनुपम उपाध्याय आदि मौजूद थे।