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मौत के 15 माह बाद मिल सका मुआवजा

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बोरगांव बागेश्वर निवासी कमल सिंह टंगड़िया को एक लाख रुपये का चेक सौंपतीं डीएम रंजना राजगुरु। - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। तेंदुए से बचने के लिए भागते समय गिरने से बच्चे की मौत के 15 माह बाद उसके पिता को एक लाख रुपये का मुआवजा मिल सका।
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जौलकांडे क्षेत्र के ग्राम बोरगांव निवासी कमल सिंह टंगड़िया का पुत्र हेमंत सिंह शहर से सटे ग्राम द्यांगड़ में अपने रिश्तेदार के घर रहकर पढ़ाई कर रहा था। नौ नवंबर 2018 को तेंदुए से बचने के लिए दौड़ते समय हेमंत गिर गया और पत्थर से सिर पर गहरी चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने तेंदुए को पकड़ने और मुआवजा दिलाने की मांग की। इस दौरान जाम लगने पर युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष दर्शन सिंह कठायत समेत कई ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था।
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शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जंगली जानवर के हमले की पुष्टि न होने के कारण वन विभाग मुआवजा नहीं दे सका था। इस पर कमल ने साप्ताहिक जनता मिलन कार्यक्रम में डीएम रंजना राजगुरु से अपने पुत्र की मृत्यु पर मुआवजा मांगा। इस पर मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता दिलाने के लिए जरूरी औपचारिकता पूरी की गईं। नायब तहसीलदार भूपाल सिंह मटियानी ने बताया कि डीएम के अथक प्रयासों से शासन ने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से एक लाख की राशि स्वीकृति दी। बुधवार को डीएम रंजना ने इस राशि का चेक कमल को सौंपा।
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