संशोधित/बागेश्वर कलक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन देते आम उत्पादक।
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इस बार आम की रिकार्ड पैदावार के बीच मुनाफे के खरीदार न मिलने से आम उत्पादक बेहाल हैं। खरीदार न मिलने से उन्हें औने-पौने दामों में फसल बेचनी पड़ रही है। खरीदारों की कमी से फसल पेड़ में ही खराब होने की नौबत आ रही है। परेशान किसानों ने सरकार से समर्थन मूल्य घोषित करने के साथ ही नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
बृहस्पतिवार को बागेश्वर के आम उत्पादक कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम को समस्या बताई। कहा कि इस बार आम की खासी पैदावार हुई है। लेकिन खरीदार नहीं मिल पा रहे। दूसरी ओर सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य के सवाल पर चुप्पी साधे है। हॉल्टीकल्चर को बढ़ावा देने का दावा कर रही सरकार ने इस बार भी समर्थन मूल्य घोषित नहीं किया। न ही फसल खरीदने का कोई बंदोबस्त किया। कोल्ड स्टोर के अभाव में फसल का भंडारण भी नहीं हो पा रहा है। फल पेड़ पर ही सड़ रहे हैं। इस बार फसल में लगी लागत निकलना तक मुश्किल है। उन्होंने सीएम को संबोधित ज्ञापन भी डीएम को सौंपा। इस दौरान राजेंद्र परिहार, चंदन कठायत, नीरज कठायत, प्रकाश कुमार, फकीर सिंह, बलवंत कठायत, सूरज नेगी, मनोज कन्वाल, राजकुमार मेहता आदि शामिल थे।
मुआवजा न मिलने पर पेड़ कटवाने की चेतावनी
बागेश्वर। आम उत्पादकों ने मुआवजा न मिलने और समस्याएं दूर न होने पर पेड़ कटवाने की चेतावनी भी दी है। सीएम को भेजे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि नुकसान ही उठाना है तो उत्पादन से क्या फायदा। मजबूरी में उत्पादकों को पेड़ ही काटने पड़ेंगे। उत्पादकों ने ज्ञापन में मुआवजा न मिलने पर सभी पेड़ कटवाने की चेतावनी दी। ब्यूरो
किसानों ने ये मांग उठाई