बागेश्वर के जिला अस्पताल में चल रहे नवीनीकरण कार्य का निरीक्षण करते सीएमएस डॉ. वीके टम्टा। संवा
बागेश्वर। जिला अस्पताल के सुधारीकरण के काम में देरी से मरीज, तीमारदारों के साथ जिला अस्पताल प्रशासन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल के सीएमएस ने सुधारीकरण का काम समय पर पूरा न होने पर नाराजगी जताई है।
जिला अस्पताल में विश्व बैंक के वित्तीय सहयोग से ओपीडी के तीन नए कमरों के साथ कई कार्य किए जा रहे हैं। अस्पताल के दूसरे तल पर पार्टिशन, बिजली, पानी की लाइन में सुधार, दो मॉडल और हाईटेक ऑपरेशन थियेटर, 10 बेड की नवजात शिशु यूनिट की स्थापना के साथ शौचालयों को हाईटेक बनाया जाना है। आपातकालीन कक्ष के प्रवेश द्वार में बदलाव होना है।
आपातकालीन कक्ष को हाईटेक बनाने, अस्पताल में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, बॉयोमेडिकल वेस्ट कलेक्शन रूम, पैथोलॉजी कक्ष में बदलाव, पानी के टैंक और अग्नि सुरक्षा के उपाय, जनरेटर लगाने, बिजली, पानी की लाइन में बदलाव आदि कार्य किए जा रहे हैं। जून माह के दूसरे सप्ताह में अस्पताल में नवीनीकरण और विस्तारीकरण का काम शुरू किया गया था। सितंबर के अंत तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा था। अब भी करीब तीस प्रतिशत कार्य अवशेष है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीके टम्टा ने निर्माण कार्य का निरीक्षण कर कार्य में देरी को लेकर नाराजगी जताई। सीएमएस ने बताया कि कार्यदायी संस्था ईएचआई कंपनी जिला अस्पताल का विस्तारीकरण और नवीनीकरण कार्य करवा रही है। अभी काफी कार्य बचा है। कंपनी को तेज गति से काम कराने के लिए कहा गया है। साल के अंत तक कार्य पूरा होने की उम्मीद है। संवाद