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स्वच्छता सर्वेक्षण में हर साल पिछड़ रही बागेश्वर नगरपालिका

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बागेश्वर का नगरपालिका कार्यालय। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। स्वच्छता सर्वेक्षण में बागेश्वर नगर पालिका हर साल पिछड़ती जा रही है। स्वच्छता सर्वेक्षण में पालिका की ऑल इंडिया रैंकिंग में लगातार गिरावट आ रही है। पालिका के अधिकारी रैंकिंग में पिछड़ने के पीछे एक्सपर्ट और कर्मचारियों की कमी को कारण बता रहे हैं।
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स्वच्छता सर्वेक्षण में वर्ष 2018 में बागेश्वर पालिका की नेशनल रैंकिंग 89 थी। वर्ष 2019 में पालिका 389वें स्थान पर पहुंच गई। हाल में घोषित वर्ष 2020 के स्वच्छता सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार बागेश्वर नगरपालिका की रैंकिंग 425 है। बागेश्वर नगर को 25 से 50 हजार की आबादी वाले नॉर्थ जोन के शहरों में रखा गया है। केंद्र सरकार की ओर से हर साल निकायों की स्वच्छता सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी की जाती है। जिला बनने के 23 वर्ष बीतने के बाद भी पालिका के पास कूड़ा निस्तारण के लिए ट्रंचिंग ग्राउंड तक नहीं है। पुलिस लाइन के पास सड़क के किनारे खुले में कूड़े का निस्तारण किया जाता है। स्वच्छता सर्वेक्षण में रैंकिंग सुधार के लिए पालिका को प्रभावी कदम उठाने होंगे। उधर, पालिका के अधिशासी राजदेव जायसी का कहना है कि बागेश्वर में घर-घर से कूड़ा उठाया जा रहा है। मौके पर कूड़े का पृथक्कीकरण किया जाता है। पिट बनाकर कंपोस्ट खाद बनाई जा रही है। इस कार्य को 50 परिवार कर रहे हैं। उनका कहना है कि पालिका के पास विशेषज्ञ की कमी है। विशेषज्ञ लोगों को जागरूक कर स्वच्छता संबंधी काम करवाते हैं। पालिका में सफाई निरीक्षक के दोनों पद और सुपरवाइजर के चार में से तीन पद खाली हैं।
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