अल्मोड़ा। खेलों के आयोजन के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर खेल प्रतिभाओं को निखारने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन गांवों में खेल मैदान नहीं हैं। खेल मंत्री के गृह क्षेत्र में यह योजना दम तोड़ रही है। सोमेश्वर क्षेत्र में छह खेल मैदान के निर्माण के लिए स्वीकृति तो दे दी गई है लेकिन इन्हें धरातल पर उतारने के लिए जमीन नहीं मिल रही और इनका निर्माण अधर में लटका है।
सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र में यहां की ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्कूलों के पास 22 खेल मैदान और मिनी स्टेडियम के निर्माण का प्रस्ताव शासन में भेजा गया। इनमें से पांच खेल मैदानों को किसी तरह स्वीकृति मिली है लेकिन भूमि नहीं मिलने से इनका निर्माण अधर में लटक गया है। कहीं वन भूमि होने से और कहीं चयनित भूमि पर पेड़ खड़े होने से इन्हें धरातल पर उतारना चुनौती बन गया है।
17 खेल मैदानों को स्वीकृति का इंतजार
अल्मोड़ा। युवा कल्याण विभाग ने 22 खेल मैदानों का प्रस्ताव शासन में भेजा है। महज पांच मैदानों को ही स्वीकृति मिली है। अब भी 17 मैदानों की फाइल शासन में कार्यालयों के चक्कर काट रही है। इन्हें स्वीकृति कब मिलेगी यह कोई नहीं जानता।
इन मैदानों की मिली है स्वीकृति
- बेड़गांव, श्रीखेत, शेर, चकुनी, मौना, तल्ला रौतेला।
निदेशालय से वर्तमान में पांच खेल मैदानों को स्वीकृति मिली है। अन्य प्रस्तावित खेल मैदानों के निर्माण में आ रही दिक्कतों को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रशांत कुमार, युवा कल्याण अधिकारी, अल्मोड़ा।