गरुड़ (बागेश्वर)। टीट बाजार (बैजनाथ) के विख्यात कमल तालाब में सात साल से कमल के फूल खिलने बंद हो गए हैं। इससे कमल तालाब का अस्तित्व खतरे में है। हालांकि देश विदेश के पर्यटक कमल तालाब को देखने लगातार आते हैं लेकिन तालाब में कमल के फूल न देख वह निराश होकर लौट जाते हैं।
टीट बाजार निवासी बुजुर्ग सामाजिक कार्यकर्ता जीवन लाल वर्मा ने बताया कि यह प्राकृतिक तालाब करीब 100 साल पुराना है। इसमें हर साल कमल के फूल खिलते थे जिन्हें देखने दूरदराज से लोग यहां आते थे। यह तालाब वर्ष 1980 के दशक तक ग्राम पंचायत के अधीन था। बाद में मत्स्य विभाग ने तालाब को अपने अधीन कर लिया। तालाब का सौंदर्यीकरण कर तालाब की सफाई की गई। इससे कमल की जड़ें नष्ट हो गईं। मत्स्य विभाग ने इस तालाब में ग्रास कार्प मछली का बीज डाला लेकिन इनकी बढ़वार कम रही।
बैजनाथ के आसपास के पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए कई साल से काम कर रहे योगेश वर्मा ने बताया कि तालाब में ग्रास कार्प मछली का बीज डालने के बाद से तालाब में कमल के फूल नहीं खिल रहे हैं। उन्होंने डीएम और जिला मत्स्य अधिकारी से बैजनाथ के कमल तालाब के अस्तित्व को बचाने के लिए तालाब में कमल का बीज डालने की मांग की है।
टीट बाजार बैजनाथ के कमल तालाब को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने और तालाब में कमल के फूल उगाने के लिए मत्स्य अधिकारी और पर्यटन विभाग को निर्देश दिए गए हैं। बैजनाथ क्षेत्र में पर्यटन के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। - अनुराधा पाल, डीएम, बागेश्वर।