बागेश्वर। 60 हजार से अधिक आबादी वाले काफलीगैर तहसील के लोगों को मुख्यमंत्री की दो बार की घोषणा के बाद भी डिग्री कॉलेज नसीब नहीं हो सका है। क्षेत्र के विद्यार्थियों को इंटरमीडिएट की शिक्षा के बाद उच्चशिक्षा की पढ़ाई के लिए 15 से 55 किमी दूर जिला मुख्यालय या अल्मोड़ा जाना पड़ रहा है।
क्षेत्र के लोग लंबे समय से काफलीगैर में डिग्री कॉलेज खोलने की मांग कर रहे हैं। लोगों की मांग और तत्कालीन विधायक चंदन राम दास की पहल पर 13 अक्तूबर 2021 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काफलीगैर में डिग्री कॉलेज खोलने की घोषणा की, लेकिन शासनादेश जारी नहीं हो पाया।
चार सितंबर 2022 को एक बार फिर सीएम धामी ने बागेश्वर में रोडवेज डिपो के उद्घाटन के अवसर पर काफलीगैर में डिग्री कॉलेज खोलने की घोषणा की। लेकिन डिग्री काॅलेज फिर भी अस्तित्व में नहीं आ पाया।
हर साल 300 से अधिक विद्यार्थी करते इंटर पास
बागेश्वर। काफलीगैर क्षेत्र में पांच राजकीय इंटर काॅलेज काफलीगैर, भटखोला, देवलधार, बोहाला और सैंज हैं। इन विद्यालयों से हर साल तीन सौ से अधिक विद्यार्थी इंटर की पढ़ाई पूरी करते हैं। संवाद
जमीन निशुल्क देने का किया है एलान
बागेश्वर। भटखोला गांव के सामाजिक कार्यकर्ता धर्मानंद भट्ट, हरीश चंद्र भट्ट, जय किशन भट्ट, धर्मानंद भट्ट और हरीश चंद्र भट्ट ने ग्राम पंचायत भटखोला के पाताल छोई तोक में 100 नाली नाप भूमि डिग्री कॉलेज के लिए निशुल्क देने की घोषणा की है। संवाद
काफलीगैर डिग्री कॉलेज की फाइल शासन में है। डिग्री कॉलेज सीएम घोषणा में शामिल है। काफलीगैर में डिग्री कॉलेज जल्द खुलवाया जाएगा।
- पार्वती दास विधायक, बागेश्वर