बागेश्वर के रतघर के जंगल में लगी आग। संवाद
- फोटो : बागेश्वर के रतघर के जंगल में लगी आग। संवाद
बागेश्वर। जिले के जंगलों के जलने का सिलसिला जारी है। कपकोट के कालीधार और कांडा के रतघर और धरमघर रेंज के हल्द्वानी बीट के जंगल जल रहे हैं। फायर सीजन में अब तक जिले में 12 वनाग्नि की घटनाएं दर्ज हुईं हैं और वन संपदा को 35,250 रुपये का नुकसान हुआ है।
कपकोट के कालीधार के जंगल में सोमवार को आग लग गई। करीब तीन घंटे तक जंगल जलता रहा। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू किया। जंगल में पिरुल गिरा होने से तब तक वन संपदा को काफी नुकसान हो चुका था। इधर कांडा के रतघर में सोमवार और मंगलवार को जंगल में आग लगी। ग्रामीण ख्याली चंद्र जोशी ने बताया कि आग लगने के बावजूद वन विभाग की टीम नहीं पहुंची है। ग्रामीण स्वयं आग बुझा रहे हैं। आग लगने से क्षेत्र में धुआं फैल रहा है। वन संपदा को भी नुकसान हो रहा है।
धरमघर रेंज के पिथौरागढ़ जिले के नाचनी से सटे हल्द्वानी बीट के जंगल में भी मंगलवार सुबह से आग लगी है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। केवल एक फायर वॉचर के सहारे जंगल को छोड़ दिया है। आग से वन संपदा को नुकसान हो रहा है।
इधर, डीएफओ हिमांशु बागरी ने कहा कि आग लगने की सूचना मिलते ही वन विभाग के कर्मचारी मौके पर जाकर आग पर काबू पा रहे हैं। रतघर में भी वन विभाग के कर्मचारियों को भेजकर जल्द आग को काबू कर लिया जाएगा।
कुमाऊं में अब तक वनाग्नि की 211 घटनाएं
बागेश्वर। इस फायर सीजन में बारिश के चलते वनाग्नि से कुछ राहत मिली थी लेकिन अब जंगलों की आग बढ़ने लगी है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कुमाऊं में अब तक वनाग्नि की 211 घटनाएं हो चुकी हैं। इस दौरान 241.290 हेक्टेयर जंगल जला और 6,04,240 रुपये का नुकसान हुआ है। पिथौरागढ़ वन प्रभाग में सबसे अधिक 73 वनाग्नि की घटनाएं दर्ज हुईं हैं। अल्मोड़ा वन प्रभाग में 46 बार जंगल जल चुके हैं।