बागेश्वर के खोली में क्षतिग्रस्त रूनीखेत-मजबे सड़क। संवाद
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बागेश्वर। बेहरगांव और पगना के ग्रामीणों ने गांव में स्वीकृत खनन पट्टा निरस्त करने की मांग के लिए डीएम कार्यालय में धरना दिया। ग्रामीणों ने एनओसी लेने वाले पट्टाधारक पर ग्रामीणों के साथ धोखाधड़ी करने की बात कही है।
सामाजिक कार्यकर्ता सज्जन लाल टम्टा के नेतृत्व में पगना के खोला तोक और बेहरगांव के ग्रामीणों ने डीएम कार्यालय के बाहर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने एक व्यक्ति को गांव में खनन करने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र दिया था। पट्टाधारक एनओसी की शर्तों को तोड़ते हुए अन्य साझीदारों के साथ मिलकर खनन की तैयारी कर रहा है। कहा कि खनन से ग्रामीणों की कृषि भूमिए गौचरए पनघट की जमीन को भारी नुकसान होगा।
ग्रामीणों ने कहा कि गांव में रात के समय पट्टाधारकों की ओर से सीमांकन कराया जा रहा है। जिस स्थान पर खनन पट्टा स्वीकृत किया गया है, उसके ठीक ऊपर 50 परिवार रहते हैं। खनन से गांव को खतरा पैदा हो सकता है। ग्रामीणों ने डीएम से खनन पट्टे के आशय पत्र शासनादेश को निरस्त करने की मांग की। इस मौके पर दयानंद, राधिका देवी, हरीश राम, सोहन राम, बबीता देवी, ममता देवी आदि मौजूद रहे। संवाद