फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रामगंगा में मलबा पटने से नदी का रुख कैंचुवा गांव की ओर, भूस्खलन से खेत बहे

विज्ञापन
ोटीबुल्ला नामक स्थान पर इस कदर क्षतिग्रस्त हो गया है बागेश्वर के गोगिना से पिथौरागढ़ के नामिक को - फोटो : BAGESHWAR
विज्ञापन
बागेश्वर। पिथौरागढ़ जिले के नाचनी में हरड़िया नाले का मलबा रामगंगा नदी में समाने के कारण नदी का रुख बागेश्वर जिले के कैंचुवा गांव की ओर हो गया है। नदी के कटाव से चार तटबंध बह गए हैं। भूस्खलन से कैंचुवा गांव के लोगों के उपजाऊ खेत बह गए हैं। भूस्खलन का दायरा बढ़ा तो गांव के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है।
विज्ञापन

शुक्रवार को पिथौरागढ़ जिले के तेजम तहसील के नाचनी के पास हरड़िया नाले का मलबा रामगंगा नदी में समा गया। हरड़िया में नाला हर साल बारिश में आफत लेकर आता है। वर्ष 2014 से हरड़िया नाले का मलबा रामगंगा नदी में समा रहा है। मलबे से नदी का रुख बागेश्वर जिले की ओर हो जाता है। नदी का रुख पलटने से बागेश्वर के कालापैरकापड़ी के राजस्व गांव कैंचुवा की पहाड़ी में जबरदस्त भूस्खलन हुआ है। कैंचुवा के लोगों के उपजाऊ खेत भूस्खलन की चपेट में आ गए हैं।
कैंचुवा निवासी उदय राम, दिनेश राम, मनोहर राम, पूरन राम ने बताया कि भूस्खलन से गांव के खेत बह गए हैं। गांव की सुरक्षा के लिए नदी के किनारे बनाए गए चार तटबंद बह गए हैं। उन लोगों का कहना है कि यदि भूस्खलन का दायरा बढ़ा तो आबादी के लिए खतरा हो सकता है। अभी गांव के छोर में स्थित खेत भूस्खलन की चपेट में आए हैं। गांव के लोगों ने भूस्खलन की रोकथाम के उपाय करने की मांग प्रशासन से की है।
विज्ञापन

कोट
तेजम तहसील के हरड़िया में रामगंगा में मलबा पटने से झील बनने की सूचना प्राप्त हुई है। राजस्व निरीक्षक को मौके पर भेजा गया है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सुरक्षा के प्रबंध किए जाएंगे।
पारितोष वर्मा एसडीएम कपकोट
नामिक को जाने वाला रास्ता कई जगह तबाह
बागेश्वर। नामिक और हीरामणि ग्लेशियर की तलहटी पर बसे पिथौरागढ़ जिले के नामिक को जोड़ने वाला पैदल रास्ता कई जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। रास्ता क्षतिग्रस्त होने से हिमालयी क्षेत्र से सटे नामिक के लोग दिक्कत में आ गए हैं।
पिथौरागढ़ जिले के नामिक के लिए बागेश्वर जिले के गोगिना से सुगम रास्ता बना हुआ है। गोगिना से आगे रामगंगा के पार कोटीबुल्ला नामक स्थान पर पैदल रास्ता बहने से नामिक का संपर्क टूट गया है। रास्ता कई स्थानों पर मलबे और बोल्डरों से पट गया है। पिथौरागढ़ के अंतिम गांव नामिक के लिए पिथौरागढ़ के बिर्थी से 27 किमी पैदल रास्ता है।
बागेश्वर के गोगिना से नामिक के लिए केवल सात किमी पैदल चलना पड़ता है। कम दूरी का रास्ता होने के कारण 125 परिवार वाले नामिक के लोग गोगिना के रास्ते आवागमन करना पसंद करते हैं। नामिक के क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण सिंह जेम्याल ने बताया कि रास्ता कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। उन्होंने बागेश्वर प्रशासन से रास्ते की मरम्मत कराने की मांग की है। कहा है कि रास्ते की मरम्मत नहीं हुई तो नामिक के लोग भारी दिक्कत में आ जाएंगे। संवाद

बागेश्वर के पिथौरागढ़ से सटटे गांव कैंचुवा में रामगंगा नदी के कटाव से हुआ भूस्खलन। फोटो सौजन्य ज?- फोटो : BAGESHWAR

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें