बागेश्वर। कांडा तहसील क्षेत्र के ग्राम घोड़ागाड़ में शनिवार को महिला पर तेंदुए के हमले के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। हादसे के बाद से ग्रामीण सहमे हुए हैं। मंगलवार को गांव के छोटे बच्चे अभिभावकों की कड़ी निगरानी और पहरे के बीच ही स्कूल पहुंचे।
गांव की महिलाएं भी सोमवार को समूह बनाकर एक साथ मवेशियों के लिए घास-चारा लेने खेतों में गईं। ग्रामीण गोविंद सिंह, जगत सिंह, हयात सिंह और प्रताप सिंह ने बताया कि गांव के आसपास और मुख्य पैदल रास्तों के दोनों ओर बड़े पैमाने पर झाड़ियां उगी हुई हैं। इससे रास्तों से गुजरते समय तेंदुए के अचानक हमला करने का खतरा लगातार बना रहता है। घटना के बाद से ही वन विभाग की टीम गांव में गश्त कर रही है। गांव में ट्रैप कैमरे, एनाइडर और पिंजरा स्थापित कर दिया गया है, अब तक तेंदुए की कोई हलचल कैमरों में कैद नहीं हो सकी है। रेंजर विक्रम सिंह कैड़ा ने बताया कि टीम मौके पर लगातार स्थलीय निरीक्षण कर रही है। गांव में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और पिंजरा लगा दिया गया है, जल्द ही तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा।