डीएम रंजना राजगुरु ने कहा कि सरकारी प्राइमरी और जूनियर हाइस्कूल में शैक्षणिक विकास को ध्यान में रखने वाले शिक्षकों, अभिभावकों और बच्चों को वह अपने स्तर से हर संभव मदद करेगी। डीएम ने आदर्श जूनियर हाइस्कूल पिंगलों में अध्ययनरत बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर उपलब्ध करा दिया है।
डीएम ने 8 सितंबर को विभागीय अधिकारियों के साथ जूनियर हाइस्कूल पिंगलों का औचक निरीक्षण किया था। स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियों और बच्चों के बौद्धिक विकास को देखकर डीएम ने सभी बच्चों के लिए कक्षा में बैठने के लिए फर्नीचर देने की बात कही थी। डीएम ने 106 बच्चों के लिए 1.60 लाख रुपये की लागत के फर्नीचर विद्यालय को उपलब्ध करा दिए है।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुरेश सती ने बताया कि जूनियर हाइस्कूल पिंगलों जिले का पहला विद्यालय है, जहां के विद्यार्थी निजी विद्यालयों की तरह कक्षा में कुर्सी पर बैठ कर अध्ययन करते हैं। कुर्सी और मेज की सुरक्षा का जिम्मा विद्यालय के हर बच्चे को दिया है। विद्यालय के पीटीए अध्यक्ष और ग्राम प्रधान दीनानाथ ने बताया कि राजकीय जूनियर हाइस्कूल पिंगलों की स्थापना नौ साल पहले हुई थी।
पिंगलों घाटी के अभिभावक कुछ साल पूर्व तक अपने बच्चों को निजी विद्यालयों में भेजते थे, लेकिन अब उन्हें राजकीय जूनियर हाइस्कूल विद्यालय पिंगलो का माहौल भा गया है। डीएम ने कहा कि शिक्षा के विकास के लिए बेहतर काम करने वाले विद्यालयों के विकास के लिए वह हर संभव मदद करेंगी। वहीं ड्यूटी के प्रति लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।