जान जोखिम में डालकर उफनाया गधेरा पार करते बच्चे।
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वर्ष 2012 की आपदा की भेंट चढ़ा कंयूटी-बेलंग पुल अभी तक नहीं बन सका है। इससे तीन गांवों के बच्चे उफनाए गधेरे को पार कर स्कूल जा रहे हैं। खराब मौसम के बीच उफनाए गधेरे के रास्ते पर बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी है।
कपकोट विकास खंड के उछात, मिछात और बेलंग गांव तक सीधी सड़क नहीं है। ग्रामीणों को आवाजाही के लिए गधेरे के ऊपर से होकर गुजरना पड़ता है। बच्चे इसी मार्ग से स्कूल जाते हैं। तीनों गांव के छात्र-छात्राएं प्राथमिक से लेकर जूनियर हाईस्कूल, जीआईसी ऐठाण और कपकोट इंटर कॉलेज तक गधेरे के ऊपर से होकर गुजरते हैं।
मानसून काल में गधेरे का जलस्तर बढ़ गया है। भारी बारिश के बीच गधेरा उफान पर होता है। इन दिनों चल रही बारिश के बीच भी रोजाना 50 छात्र-छात्राएं उफनाए गधेरे से जान जोखिम में डालकर गुजर रहे हैं। ग्रामीण प्रशासन से पुल निर्माण की गुहार लगाते थक चुके हैं लेकिन पुल नहीं बना। इस मामले में डीएम रंजना राजगुरु का कहना है कि अधिकारियों को जल्द पुुल निर्माण का काम करने के निर्देश दिए जाएंगे।