ताकुला विकास के सुदूरवर्ती ग्राम पंचायत छानी ल्वेशाल को मुख्यमंत्री आदर्श गांव का ओहदा मिलने से ग्रामीण अपने को खुशनसीब महसूस कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि आदर्श गांव बनने से जहां गांव की सूरत चमकेगी वहीं, ग्रामीणों को भी बुनियादी सुविधाएं भी मिलेंगी। ग्रामीणों ने शासन, प्रशासन से प्रस्तावित कार्ययोजना की शुरुआत समय से शुरू करने को कहा है।
फकीर सिंह का कहना है कि गांव का पर्यटन की दृष्टि से विकास होना चाहिए। 12 बरस में आयोजित होने वाली नंदाराज जात इसी गांव से होकर हिमालय को जाती है। यात्री गांव के भगवती और लाटू देवता के मंदिर के दर्शन पूजन करते हैं। स्थानीय गधेरों में दो पैदल पुल नहीं होने के कारण हर किसी को परेशानी होती है।
वीर सिंह का कहना है कि सिंचाई विभाग की उपेक्षा के कारण गरखेत, मल्ला अकोली नहर की हालत चार साल काफी खराब है। बरसात में हेड में पॉलिथीन डालकर पानी चलाते हैं। नहर की दशा खराब होने के कारण खेती, शाकभाजी प्रभावित हो रही है। बेहतर खेती के लिए गांव में ही मृदा परीक्षण की सुविधा मिलनी चाहिए।
गुसांई सिंह का कहना है कि हालांकि गांव सड़क से जुड़ा है, लेकिन गांव की पगडंडियां किसी भी खतरे से कम नहीं हैं। गांव का परिचय वहां के ठीकठाक रास्तों से होता है। इसलिए पगडंडियों को बेहतर बनाने की दिशा में पहला काम होना चाहिए। बिजली के झूलते तारों को कसने और खराब पोलों को तुरंत बदला जाना चाहिए।
आनंद सिंह का कहना है कि यहां चार आंगनबाड़ी केंद्र हैं लेकिन उनके भवन नहीं हैं। भवनों के निर्माण के लिए शासन, शिक्षा विभाग को कई बार कर दिया है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। जूनियर से आगे की पढ़ाई के लिए बच्चों को कौसानी, पच्चीसी जाना पड़ता है। बच्चों को बरसात में कई परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।
गंगा देवी का कहना गांव में एक अदद भी एएनएम सेंटर तक नहीं है। इस कारण खासकर प्रसव पीड़िताओं को कई परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। बच्चों का टीकाकरण काम प्रभावित हो जाता है। गांव में राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय की स्थापना होनी जरूरी है।
मोहन सिंह का कहना है कि गांव में विकास कार्यों के साथ की रोजगारपरक योजनाओं की भी शुरुआत होनी चाहिए। अनेक युवक रोजगार की तलाश में मैदानी भागों को पलायन करते जा रहे हैं। रोजगार के साधन न होने के कारण युवाओं को कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। महिला सशक्तिकरण के काम तेजी से शुरू होने चाहिए।