बागेश्वर। कपकोट विधानसभा क्षेत्र के कांडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण लोगों को स्वास्थ्य सेवा का उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। कांडा सीएचसी में पांच विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद सृजित हैं लेकिन एक की भी तैनाती नहीं है। विशेषज्ञ चिकित्सक न होने से करीब 40 हजार से अधिक की आबादी को इलाज के लिए जिला अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ता है।
कांडा तहसील मुख्यालय होने के साथ ही कांडा और कमस्यार घाटी का बड़ा व्यापारिक केंद्र है। वर्ष 2007 के परिसीमन से पहले कांडा पृथक विधानसभा क्षेत्र हुआ करता था। कांडा तहसील की सीमाएं पिथौरागढ़ जिले से लगी हुई हैं। इलाज के लिए कांडा के लोगों के साथ ही पिथौरागढ़ के सीमावर्ती इलाके के लोगों का भी दबाव कांडा सीएचसी पर ही है। केंद्र में सर्जन, महिला रोग विशेषज्ञ, निश्चेतक, बाल रोग विशेषज्ञ और नेत्र सर्जन का पद स्वीकृत है। लेकिन वर्तमान में सभी पद खाली हैं। जिससे क्षेत्र के लोगों को गंभीर बीमारियों का उपचार करने के लिए 20 से 60 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। क्षेत्र के लोग लंबे समय से अस्पताल में चिकित्सकों की तैनाती करने की मांग कर रहे हैं।
सप्ताह में शुक्रवार को होते हैं अल्ट्रासाउंड
बागेश्वर। सीएचसी कांडा में अल्ट्रासाउंड मशीन तो है। लेकिन रेडियोलॉजिस्ट की कमी होने से सप्ताह में केवल शुक्रवार को अल्ट्रासाउंड होते हैं। जिला अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. कुमार अमित गर्भवतियों और अन्य मरीजों की अल्ट्रासाउंड जांच करते हैं। अन्य दिनों में मरीजों और गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड के लिए जिला अस्पताल जाना पड़ता है।
....कोट
सीएचसी कांडा में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के बारे में शासन को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया गया है। शासन से विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति होने के बाद प्राथमिकता से तैनाती की जाएगी।
.... डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ बागेश्वर