मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी आर्य ने डायट सभागार में गणित और अंग्रेजी शिक्षकों की 10 दिवसीय कार्यशाला में बेहतर शैक्षिक प्रणाली के गुर बताए।
उन्होंने कहा कि शिक्षण को छात्र की आयु और उसकी ग्रहण क्षमता के मुताबिक आसान बनाना होगा। शिक्षक ऐसा जादूगर है, जो छात्र को जादुई तरीके से सिखाने के साथ ही उसकी दिमागी भूख को शांत करता है।
उन्होंने कक्षाओं में अनुशासन पर जोर दिया। साथ ही चेतावनी भी दी कि अनुशासनहीन शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संदर्भदाता डॉ. शैलेंद्र धपोला ने प्रशिक्षण की रूपरेखा पेश की। इस मौके पर राज्य संदर्भदाता डा. विमल किशोर थपलियाल, कैलाश चंदोला, विपिन कर्नाटक, मदन मोहन पांडे आदि उपस्थित थे।