कपकोट (बागेश्वर)। ब्लॉक प्रमुख मनोहर राम ने मनरेगा के तहत मैटीरियल कॉस्ट के नाम पर काटी जाने वाली राशि से विकास योजनाओं के लिए दिए जा रहे सीमेंट में भारी गोलमाल का आरोप लगाया है।
इस योजना के तहत कई ग्राम प्रधानों को 75 कट्टा सीमेंट की जगह सिर्फ 20 कट्टा ही दिया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से इस प्रकरण की बारीकी से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ब्लॉक प्रमुख मनोहर राम ने बताया कि मनरेेगा के तहत होने वाले कार्यों के लिए मैटीरियल कॉस्ट के नाम पर हर योजना से 40 प्रतिशत की धनराशि काटी जा रही है। योजना के लिए सीमेंट देने की जिम्मेदारी एक ग्राम विकास अधिकारी को सौंपी गई है।
उसने इसके लिए बाहरी लोगों को लगाया है। कई प्रधानों ने उन्हें बताया है कि एक लाख रुपये में 40 प्रतिशत धन से 75 कट्टा सीमेंट मिलना है जबकि उन्हें 20 कट्टा से अधिक नहीं दिया जा रहा है। कम सीमेंट मिलने के कारण निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ रहा है।
विरोध करने पर प्रधानों को धमकाया भी जा रहा है। प्रमुख ने सीमेंट घोटाले को खुली लूटपाट का हिस्सा बताया है। उन्होंने कई बार पारदर्शी नीति अपनाने को कहा लेकिन उनके निर्देशों की अनदेखी की जा रही है।
कहा कि राज्य सरकार विकास योजनाओं के पर्याप्त बजट दे नहीं रही है। मनरेेगा से गांवों की तकदीर चमकने की आशा थी तो इसमें भी सीमेंट घोटाला ने विकास योजनाओं पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। उन्होंने प्रशासन से मामले की शीघ्र जांच कराने की मांग की है। जांच शीघ्र न होने पर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है।