नगर क्षेत्र में कटखने बंदरों ने जबरदस्त आतंक मचा रखा है। काश्तकारों और व्यापारियों के लिए तो यह सबसे बड़ी मुसीबत बने हुए हैं। बंदरों के आतंक से बच्चों और महिलाओं का अकेले में इधर-उधर जाना तक मुश्किल हो गया है। लोगों ने वन विभाग से बंदरों को पकड़ने के लिए पिंजरा लगवाने की मांग की है।
नगर क्षेत्र में बंदरों का लंबे समय से आतंक चल रहा है। कटखने बंदरों ने अब तक कई बच्चों और महिलाओं पर हमला बोल दिया है। बंदरों के बड़े=बड़े झंडों ने जहां फसल को तबाह कर दिया है। वहीं, वह दुुकानों में रखे सामान को बर्बाद कर रहे हैं। बंदरों को भगाने पर वह काटने को आ रहे हैं। बंदरों के आतंक से कई लोगों ने खेती ही छोड़ दी है। पुल बाजार से होकर भराड़ी की बाजार में अकेले में जाना हर कोई डरता है। नागरिकों और व्यापारियों ने बताया कि वन विभाग से बंदरों को पकड़ने के लिए अब तक कई बार मांग कर दी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने डीएम से मांग की है कि वन विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में पिंजरा लगाने के निर्देश दें।
मांग करने वालों में सभासदों में गिरीश जोशी गिर्दा, दीपा तिरूवा, बलवंत कपकोटी, कमला ऐठानी, सरस्वती ऐठानी, भाजयुमो के नगर अध्यक्ष तनुज तिरूवा, अवकाश प्राप्त तहसीलदार मोहन राम, रघुवीर बिष्ट, जमन सिंह बिष्ट, नवीन उपाध्याय, प्रकाश जोशी, विरेंद्र कपकोटी, प्रेम पुरी गोस्वामी, गोविंद बिष्ट और राजेंद्र शाही आदि शामिल हैं।