दाणोंछीना और उडेरखानी नलकूपों से खरेही क्षेत्र की चार ग्राम पंचायतों को नहीं जोड़े जाने से ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीण बरसात के पानी से प्यास बुझाने को मजबूर हैं।
दूषित पानी पीने के कारण गांवों में बीमारी फैलने की आशंका है। नाराज लोगों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर योजनाओं से उनके गांवों को शीघ्र पानी उपलब्ध कराने की मांग की है। मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में खरेही क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा है कि उडेरखानी और दाणोंछीना में नलकूप लगाए गए हैं। इन योजनाओं से खासतौर पर भटखोला, भनारतोली, उडेरखानी और नायलमाफी ग्राम पंचायतों को नहीं जोड़ा गया है।
उडेरखानी नलकूप के पानी का लाभ चंद लोगों को ही दिया गया है। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा है कि इस क्षेत्र के लिए बिलौना के समीप बह रही सरयू पंपिंग पेयजल योजना बनाई गई है। बिजली की कम वोल्टेज, कटौती और लाइन में फाल्ट आने के कारण गांवों में पानी की आपूर्ति कभी दूसरे तो कभी तीसरे दिन होती है।
जिससे ग्रामीणों के साथ मवेशियों को कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। पंचायत प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी से नलकूपों से उनके गांवों को शीघ्र जोड़ने या फिर नए नलकूप खुदवाने की मांग की है।
ज्ञापन देने वालों में घटगाड़ क्षेत्र के बीडीसी सदस्य हेम चंद्र जोशी, ग्राम प्रधान नायलमाफी नंदन प्रसाद, भनारतोली ग्राम पंचायत की प्रधान देवकी देवी आदि शामिल हैं।