पहाड़ में पारा गिरने पर किसानों की आय नहीं गिरेगी। पारा गिरने पर भी पौष्टिक मशरूम की खेती संभव होगी। कृषि विज्ञान केंद्र ने एक ऐसी प्रजाति इजाद की है बटन मशरूम। यह मशरूम सर्दियों के मौसम भी उगाई जा सकेगी।
कृषि विज्ञान केंद्र काफलीगैर के विशेषज्ञों के मुताबिक सफेद और बटननुमा आकार होने की वजह से सर्दियों में होने वाली इस मशरूम का नाम बटन मशरूम है। बटन मशरूम की 14 से 22 डिग्री सेल्सियस तापमान में आसानी से पैदावार हो जाती है। सर्द मौसम में बंद कमरे में टनल में कंपोस्ट खाद के साथ बीज मिला देते हैं। 20-25 दिनों में ये मशरूम उगने लगेगी। यह बेहद पौष्टिक और स्वादिष्ट होती है। इसकी बाजार में बेहद मांग है।
इस तरह किसान पारा गिरने पर भी आय बढ़ा सकता है। अभी तक पहाड़ में सर्दियों में मशरूम की खेती नहीं होती है। सिर्फ गर्मियों और बारिश में मशरूम की पैदावार होती है। बारिश में हुई मशरूम में जहरीला होने का खतरा बना रहता है। विकास प्रदर्शनी में कृषि विज्ञान केंद्र के स्टाल पर इस मशरूम की जबरदस्त मांग हैं।
200-250 रुपये किलो है दाम
बटन मशरूम का बाजार में एक किलो का 200-250 रुपये किलो तक दाम है। एक क्विंटल खाद, बीज से 25 किलो तक मशरूम की पैदावार होती है। यानी एक क्विंटल खाद से तकरीबन 5 हजार से साढ़े छह हजार रुपये तक की बिक्री होगी।
बटन मशरूम की जाड़े के मौसम में पहाड़ी जनपदों में खेती हो सकती है। सिर्फ 20-25 दिनों में अच्छी फसल हो जाएगी। इसकी बाजार में मांग हैं और दाम भी अच्छे मिलते हैं। इससे किसान सर्दियों में भी आय कर सकते हैं। - डॉ. हरीश जोशी, कृषि विज्ञान केंद्र काफलीगैर