बागेश्वर। उपनल कर्मियों ने वेतनवृद्धि के शासनादेश का विरोध करते हुए शासनादेश की प्रतियां जलाकर विरोध जताया। उपनल कर्मियों ने अन्य राज्यों की तर्ज पर नियमितीकरण की मांग उठाई।
जिला मुख्यालय में आयोजित बैठक में उपनल कर्मियों ने कहा कि सरकार ने चार हजार रुपये मानदेय बढ़ोतरी की जो वृद्धि की थी, उसका कोई लाभ उन्हें नहीं मिल रहा है।
शासनादेश जारी होने के बाद उन्हें मात्र 1600 रुपये मिलने से सभी उपनल कर्मी स्वयं को ठगा महसूस कर रहे हैं। इसके बाद सभी कर्मियों ने शासनादेश की प्रतियों को आग के हवाले करते हुए हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान की तर्ज पर नियमितीकरण करने की मांग उठाई।
उपनल कर्मचारियों ने कहा कि यदि उनकी मांग को नजरअंदाज किया गया तो महासंघ उग्र आंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होगा। इस दौरान संघ के सचिव मनीष शर्मा, विनोद, अनिल लोहनी, सुरेश धपोला, मनोज पांडेय, राहुल जोशी, दिनेश भट्ट, हरीश गोस्वामी, पंकज रावत, मुकेश चौबे, हरीश रावत, प्रकाश उपाध्याय, दीपा नगरकोटी, सरोज तिवारी, ममता धपोला, वंदना, जानकी भाकुनी, चंपा रौतेला, नीरज लोबियाल आदि थे।