बागेश्वर जिले के गरुड़ तहसील क्षेत्र के जैसर और सीमार गांव में रेबीज के प्रकोप से चार दिन के भीतर दो भैसों की मौत हो गई है। पशुओं की अचानक हुई मौत से ग्रामीणों और पशुपालकों में भारी दहशत का माहौल है।
मरी भैसों का दूध पीने और दूध की चाय का सेवन करने वाले 20 लोगों की एहतियातन रेबीज के टीके लगाए गए हैं, जबकि पांच अन्य जानवरों का भी टीकाकरण किया गया है। भैंसों की मौत के बाद डरे हुए पशुपालकों ने शुक्रवार को इसकी सूचना पशुपालन विभाग को दी।
सूचना मिलते ही डॉ.अभितेश राज के नेतृत्व में विभागीय टीम ने गांव पहुंचकर मृत मवेशियों की जांच की, जिसमें रेबीज के स्पष्ट लक्षण पाए गए। इसके बाद डॉक्टरों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और आवश्यक आवश्यक एहतियात बरतने की हिदायत दी। पूर्व ग्राम प्रधान सुनील पांडेय ने बताया कि ग्रामीण भवन कोरंगा और जगदीश राम की पैसो की कोरंगा मौत हुई। शुरुआती दौर में सीएचसी बैजनाथ में केशर सिंह, बसंती देवी, भगवत भरड़ा, राजेंद्र कोरंगा, भूपाल कोरंगा और गोविंद सिंह भरड़ा समेत कुल 20 प्रभावित ग्रामीणों को रेबीज रोधी टीके लगाए गए।
ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग से गांव के सभी मवेशियों को रेबीज रोधी टीके लगाने की मांग उठाई है. ताकि संक्रमण को अन्य मवेशियों में फैलने से रोका जा सके। फिलहाल विभाग की टीम गांव में लगातार नजर बनाए हुए है और अन्य जानवरों को भी टीके लगाने की तैयारी कर रही है।
जैसर और सीमार गांव के ग्रामीणों की शिकायत के बाद टीम भेजी गई थी। हमारे पास केवल एक भैंस के मरने की सूचना है। टीम लगातार गांव में निगरानी कर रही है। जरूरत पड़ने पर कुत्तों का भी टीकाकरण किया जाएगा।
डॉ. केके जोशी, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी बागेश्वर