कांडा के एक गांव में च्यूड़े बनाने के धान कूटती महिलाएं।
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दीपावली पर्व के साथ ही भैयादूज के त्योहार का भी खास महत्व है। यह त्योहार 21 अक्तूबर को मनाया जाएगा। शुक्रवार सुबह महिलाओं ने भीगे हुुए धान को चूल्हे में भूने। इसके बाद उन्होंने धानों को ओखली में डालकर उन्हें मुसल से कूटकर च्यूड़े बनाए। त्योहार के लिए विवाहित बहनों का भी अपने मायका आना शुरू हो गया है। कई लोग अपनी बहनों से च्यूड़े लगवाने के लिए 21 अक्तूबर को उनके ससुराल जाएंगे।