लीती रिठकुला पेयजल योजना से सेली शामा के ग्रामीणों को नियमित पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है जबकि पेयजल संस्थान उनसे बिल पूरा वसूल रहा है। नजदीक में पानी का अन्य कोई स्रोत नही होने के कारण ग्रामीणों को डेढ़ किमी की खड़ी चढ़ाई पार कर जलदेवी से पानी लाना पड़ रहा है। पानी के चक्कर में उनकी दिनचर्या ही गड़बड़ा गई है।
सेली शामा के ग्रामीणों ने बताया कि लीती रिठकुला पेयजल योजना से उन्हें महीने में मुश्किल से पांच छह दिन ही पानी की आपूर्ति हो रही है। नलों में पानी आने पर जल्दी चला भी जाता है। पानी की नियमित आपूर्ति नहीं होने के कारण उनकी दिनचर्या ही गड़बड़ा गई है।
नजदीक में पानी के कोई अन्य स्रोत नहीं होने के कारण उन्हें डेढ़ किमी की खड़ी चढ़ाई पार करके जलदेवी धारा से पानी लाना पड़ता है। जिन घरों में एक से अधिक सदस्य नहीं हैं। उनकी समस्या दोगुनी हो गई है। इसी तोक निवासी प्रधानाध्यापक महिपाल सिंह कोरंगा ने अपने प्रयासों से पिछले दिनों योजना को दुरुस्त कराया।
विभाग ने इससे भी सबक नहीं लिया। ग्रामीणों ने कहा कि विभागीय अभियंता नेताओं के दौरों के दौरान तो योजना को दुरुस्त कर देता है। उनके भ्रमण के बाद वह योजना को देखने तक नहीं आते। योजना से पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने के बावजूद उन्हें बिल पूरे महीने के मिल रहे हैं। ग्रामीणों ने चेेतावनी दी है कि यदि आपूर्ति नियमित नहीं हुई तो वह बिलों का भुगतान किसी भी हालत में नहीं करेंगे।
ग्रामीणों ने पेयजल संस्थान से योजना को शीघ्र दुरुस्त करने की मांग की है। मांग करने वालों में ग्राम प्रधान, कुुंती, पुष्पा, गंगा, गौरा, बसंती, नंदी, रमुली, गंगा, मानुली, सरूली, गोविंदी, उमा, राधा, गोविंद सिंह और मान सिंह आदि शामिल हैं।