छात्र संख्या घटने कारण बंद होने की कगार पर पहुंचे प्राथमिक विद्यालय बोहाला इस साल फिर चहल पहल लौटने लगी है। प्रधानाध्यापक बंशीधर जोशी के प्रयासों से इस विद्यालय में नए शिक्षा सत्र 30 नए विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। इससे यहां छात्र संख्या अब 11 से बढ़कर 41 हो गई। प्रधानाध्यापक जोशी की मेहनत क्षेत्र के दो पब्लिक स्कूलों पर भी असर पड़ने लगा है।
बागेश्वर ब्लाक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय बोहाला में भी अन्य स्कूलों की तरह छात्र संख्या घटती जा रही थी। पिछले शिक्षा सत्र में इस विद्यालय में छात्र संख्या घटकर मात्र 11 रह गई थी। विद्यालय भी बंद होने की कगार पर पहुंच गया था। विभाग द्वारा प्राइमरी स्कूल जांठा के सहायक अध्यापक बंशीधर जोशी का प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति होने के बाद इस विद्यालय में तबादला कर दिया। उन्होंने पिछले साल 28 अप्रैल को विद्यालय में प्रधानाध्यापक का कार्यभार संभाला। तब उनके सामने इस एकल अध्यापक वाले विद्यालय में छात्र संख्या बढ़ाने की बड़ी चुनौती थी।
उन्होंने अभिभावकों के साथ बैठक करके बच्चों की संख्या को बढ़ाने की कार्य योजना तैयार की। जोशी ने इसके लिए विद्यालय प्रबंधन समिति की अध्यक्ष भागीरथी देवी और जागरूक अभिभावकों के सहयोग से घर घर संपर्क किया। लोगों को सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाएं, पठन पाठन को रुचिकर बनाने, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने, नवाचार कार्यक्रम के तहत दीवार पत्रिका लेखन, किचन गार्डन की स्थापना, स्मार्ट किट के जरिए बच्चों को अंग्रेजी विषय की पढ़ाई देने, सामान्य ज्ञान और खेलकूद प्रतियोगिता आदि योजनाओं की जानकारी दी।
इससे यह बात अभिभावकों के मन में बैठ गई। जोशी ने बताया कि लोगों केेेे रुझान को देखते हुए उन्होंने सबसे पहले पाठशाला का रंग रोगन कराया। इसमें अभिभावकों का पूरा सहयोग मिला। इसके बाद 25 मार्च को वार्षिकोत्सव कार्यक्रम रखा। इसमें ग्रामीणों ने बढ़ चढ़कर भागीदारी की। एक अप्रैल से शुरू हुए इस शिक्षा सत्र में लोगों ने विद्यालय में अपने बच्चों का पंजीकरण कराना शुरू कर दिया।
इस शिक्षा सत्र में अब तक विद्यालय में विभिन्न कक्षाओं में 30 बच्चों का पंजीकरण हो चुका है। अब विद्यालय में छात्र संख्या 11 से बढ़कर 41 हो गई है। जल्दी ही यह संख्या 50 तक पहुंचने की उम्मीद है। इस कार्य में जोशी को क्षेत्र के लोगों का पूरा सहयोग मिल रहा है। प्रबंधन समिति की अध्यक्ष भागीरथी देवी का कहना है कि सरकारी स्कूल में बच्चों को कम खर्च पर अच्छी शिक्षा मिल रही है।
। राजकीय प्राथमिक विद्यालय बोहाला के प्रधानाध्यापक बंशीधर जोशी रोज सुबह निर्धारित समय से आधा घंटे पहले स्कूल पहुंच जाते है। शाम को छुट्टी होने के बाद डेढ़ घंटा देर से घर जाते हैं। उन्होंने इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया है। एकल शिक्षक का बहाना बनाकर विद्यालय को बेहतर नहीं बना पाने वाले शिक्षकों के लिए वह नजीर बने हुए हैं।