बागेश्वर/गरुड़। कांग्रेस ने आप नेता बसंत कुमार को पार्टी में शामिल किया तो भाजपा ने प्रत्याशी चयन में अपनी रणनीति बदल दी। पहले माना जा रहा था कि चंदन राम दास के बेटे गौरव दास को प्रत्याशी बनाया जा सकता है लेकिन इन कयासों को विराम लगाते हुए उनकी पत्नी के नाम का एलान कर दिया।
माना जा रहा है कि पार्टी सहानुभूति कार्ड को चुनाव में अजमाना चाहती है। गौरव दास कुछ समय से सक्रिय थे। ऐसे में उनका प्रत्याशी बनना तय माना जा रहा था। हालांकि भाजपा के वरिष्ठ नेता अंतिम क्षणों तक इस बारे में कुछ भी कहने से बच रहे थे। उधर, कांग्रेसी हलकों में बसंत कुमार का टिकट तय माना जा रहा था। इसकी आहट लगते ही कांग्रेस नेता रंजीत दास ने भाजपा का दामन थाम लिया था।
भाजपा तीन उपचुनाव में विधायक की पत्नी को बनाया उम्मीदवार
गरुड़। भाजपा ने तीन उप चुनावों में उस सीट के विधायक की पत्नी को पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर जीत हासिल की है।
पिथौरागढ़ विधानसभा सीट के विधायक प्रकाश पंत के निधन के बाद हुए उप चुनाव में उनकी पत्नी चंद्रा पंत को प्रत्याशी बनाया था। थराली सीट से मगन शाह के निधन पर उनकी पत्नी मुन्नी शाह को प्रत्याशी बनाया। दोनों ही सीटों पर पार्टी ने जीत दर्ज की थी।
2022 के चुनाव के मतों का गणित
-चंदन राम दास भाजपा 32211
-रंजीत दास कांग्रेस 20070
-बसंत कुमार आप 16119
-निर्दलीय भैरव नाथ 1967
-निर्दलीय दिनेश कुमार 798
-ओम प्रकाश बसपा 722
-लक्ष्मी देवी-सपा 508
अब तक नहीं हुआ कोई नामांकन
बागेश्वर। बागेश्वर विधानसभा उप चुनाव के लिए 10 अगस्त से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है लेकिन अब तक कोई भी नामांकन नहीं है। रिटर्निंग कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा प्रत्याशी पार्वती दास ने नामांकन पत्र के दो सेट, कांग्रेस प्रत्याशी बसंत कुमार ने चार सेट, बसपा प्रत्याशी ओम प्रकाश ने एक सेट, यूकेडी के अर्जुन देव ने तीन सेट, सपा के भगवती प्रसाद ने नामांकन पत्र के दो सेट लिए हैं। निर्दलीय जगदीश ने भी एक सेट, निर्दलीय देवकी देवी ने भी दो सेट नामांकन पत्र के लिए हैं।
भाजपा 16 को दिखाएगी ताकत
15 अगस्त से भाजपा के दिग्गज बागेश्वर में जुटने शुरू हो जाएंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट 15 अगस्त से 18 अगस्त तक बागेश्वर में रहेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा समेत कई मंत्री और नेता 16 अगस्त को होने वाले पार्टी प्रत्याशी के नामांकन में शिरकत करेंगे।
पहाड़ की राजनीति में सफल नहीं हो पाई सपा
बागेश्वर। सपा राज्य बनने के बाद कभी भी पहाड़ की राजनीति में सफल नहीं हुई है। बागेश्वर सीट पर सपा पहले भी चुनाव लड़ती रही है। इस बार भी प्रत्याशी घोषित कर दिया है। हालांकि सपा का जिले में कोई राजनीतिक वजूद नहीं है। सपा के प्रत्याशी चार-पांच सौ वोट तक सिमटते रहे हैं।
दिल जोड़ने, तोड़ने और मनाने में जुटे सियासी दल
बागेश्वर। उपचुनाव में जीत के लिए दो प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस पूरा जोर लगा रहे हैं। ऐन केन प्रकारणेन इस सीट पर विजय दोनों दलों की प्राथमिकता में है। ऐसे में जोड़ने, तोड़ने और मनाने का दौर शुरू हो गया है।
भाजपा ने जहां कांग्रेस को झटका देकर रंजीत दास को अपने पाले में कर लिया वहीं कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी के नेता बसंत कुमार को न सिर्फ अपनी पार्टी में शामिल किया बल्कि टिकट भी दे दिया। रंजीत ने पार्टी छोड़ते समय इस बात की पीड़ा भी बयां की कि बाहर से लोगों को कांग्रेस में लाया जा रहा है। भाजपा के दावों पर भरोसा किया जाए तो 16 अगस्त को होने वाली जनसभा में कुछ और लोग पाला बदलकर उनके दल में शामिल होंगे।
कांग्रेस की बात करें तो 31 मार्च के बाद से पार्टी के भीतर सियासी पारा घमासान मचा है। महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष और महिला कांग्रेस में अन्य पदों पर हुई ताजपोशी के बाद से कांग्रेस, खासकर महिला कांग्रेस में तल्खी बढ़ी है। कांग्रेस की प्रमुख महिला नेता ने अप्रैल में संगठन के कार्यक्रमों से दूरी बना ली थी। खुलकर अपनी पीड़ा बयां की थी। हालांकि कांग्रेस संगठन के नेताओं से बातचीत के बाद कुछ नेता पार्टी के कायर्क्रमों में शिरकत करने लगीं हैं, लेकिन लंबे समय से पार्टी के लिए सक्रियता से काम करने वाली कुछ नेत्रियों की कांग्रेस संगठन से दूरी कायम है।
भाजपा जिलाध्यक्ष इंद्र सिंह फर्स्वाण का कहना है कि आने वाले दिनों में समाज, राजनीतिक क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित, अच्छी छवि वाले लोग भाजपा में शामिल होंगे। भाजपा में शामिल होने की होड़ लगी हुई है, लेकिन पार्टी अच्छी छवि वाले लोगों को ही पार्टी में शामिल कर रही है।
कांग्रेस के जिला प्रभारी महेंद्र सिंह लुंठी का कहना है कि कांग्रेस में टूट जैसी कोई बात नहीं है। कांग्रेस से कोई भाजपा में नहीं जा रहा है। किसी की भी नाराजगी भी है तो मसला पार्टी के भीतर सुलझा लिया जाएगा। आने वाले दिनों में कई लोग कांग्रेस में शामिल होंगे।