बागेश्वर। कृषि विज्ञान केंद्र काफलीगैर में अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जैव विविधता की सुरक्षा, मानव-वन्य जीव संघर्ष समेत कई मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया।
कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए केवीके प्रमुख डॉ. राजकुमार ने कहा कि जैव विविधता को बचाकर ही स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र बनाया जा सकता है। युवा समुदाय को इसके लिए कदम उठाने होंगे। वैज्ञानिक डॉ. कमल कुमार पांडेय ने वनों के कम होने के मानवीय और प्राकृतिक कारण, डॉ. विवेक रावत ने जानवरों की रक्षा और उनकी उपयोगिता, डॉ. केवलानंद कांडपाल ने प्राकृतिक जोखिमों से निपटने के लिए घरेलू उपाय बताए। राहुल जोशी ने भूमि के जोखिम को कम करने में डिजिटल मीडिया की भूूमिका, रेंजर श्याम सिंह करायत ने मानव-वन्य जीव संघर्ष, क्षेत्रीय वनों के प्रबंधन और डॉ. हरीश पोखरिया ने स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी। कार्यशाला में शांति बिष्ट, शिवम रौतेला, सावित्री देवी, हर्षवर्धन समेत 26 युवाओं ने भागीदारी की।
प्रतियोगिता में मयंक रहे विजेता
बागेश्वर। राइंका वज्यूला में अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर सेमिनार प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता कराई गई। इसमें मयंक कुमार को पहला, सपना आर्या को दूसरा और प्रीति को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य दीपक आर्या ने किया। भौतिक विज्ञान प्रवक्ता आलोक पांडेय ने कहा कि मानवीय दखल से जमीन में 75 और जलीय जीवन में 66 प्रतिशत बदलाव आया है, जो सृष्टि के लिए घातक है। वहां पर राजीव कुमार मिश्रा, हरीश फर्स्वाण आदि मौजूद रहे। संवाद