सिंचाई उपखंड बैजनाथ के अधिकारियों की अनदेखी के चलते बिमोला के किसान धान की नर्सरी की बुवाई नहीं कर सके हैं। गुस्साई महिलाओं ने सोमवार के तड़के विभाग के एई समेत जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं विभागीय अफसरों ने रोस्टर से पानी देने का आश्वासन दिया है।
बिमोला गांव की 15 से अधिक महिलाएं सोमवार की सुबह सिंचाई विभाग के एई कार्यालय पहुंची। उन्होंने विभाग के एई समेत क्षेत्र के नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गांव की महिलाओं ने कहा कि विभाग की लापरवाही के चलते नहरें सूखी हैं। जिस कारण गांव के किसान धान की नर्सरी की बुवाई नहीं कर सके।
उन्होंने विभाग से बारी-बारी से भगरतोला, बिमौला, पचना, मोतीसारी, नौघर, बड़ेत गांव में पानी की सप्लाई करने को कहा। गांव के प्रधान हरी राम ने बताया कि नहर को दुरुस्त करने के बारे में कई बार विभाग के अफसरों से कह दिया है लेकिन अफसरों ने ग्रामीणों की मांग को गंभीरता से नहीं लिया।
वहीं विभाग के एई पीसी नैनवाल ने बताया कि नदी में पानी कम होने से हेड से टेल तक पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि रोस्टर के तहत अब हर गांव को पानी की सप्लाई की जाएगी। नारेबाजी करने वालों में शांति, विमला, पार्वती, नरुली, सरस्वती, विद्या, राधा, मुन्नी देवी आदि महिलाएं शामिल थीं।