बागेश्वर। बढ़ती गर्मी के साथ ही जल संकट भी गहराता जा रहा है। बमुश्किल पीने का पानी जुटा रहे लोगों को अन्य जरूरतों के लिए नदियों से पानी ढोना पड़ रहा है। जनपद के बिलौना, मंडलसेरा क्षेत्र से रविवार को भी जल संस्थान के कंट्रोल रूम में एक-एक शिकायतें दर्ज हुईं।
सरयू, गोमती नदियों के किनारे बसे होने के बाद भी बागेश्वर के सभी लोगों को जरूरत का पानी नहीं मिल पाता है। नई पेयजल योजना का निर्माण न होने के कारण अधिकतर आबादी पेयजल सहित अन्य जरूरतों के लिए नौले-धारों या फिर नदियों पर निर्भर रहती है।
इस बार सूखे की स्थिति से यह समस्या बढ़ती जा रही है। जल संस्थान की ओर से बनाए गए कंट्रोल रूम में प्रतिदिन नलों में पानी न आने की शिकायतें दर्ज हो रही हैं। शनिवार को नगर, ग्रामीण क्षेत्र से चार शिकायतें मिली, जबकि रविवार को एक शिकायत बिलौना से, एक मंडलसेरा से दर्ज की गई।
नगर का मंडलसेरा इलाका सबसे अधिक जल संकट से जूझ रहा है। नलों में जरूरत का पानी न आने के कारण लोग कपड़े धोने के लिए नदियों का रुख कर रहे हैं। रविवार को भी सरयू नदी के किनारे कई जगह पर कपड़े धोने वाली महिलाओं की भीड़ जुटी रही। इस समय नदियों में जल स्तर कम होने से इसके प्रदूषित होने का खतरा भी बढ़ गया है। जनपद के कांडा क्षेत्र में भी जल संकट बना हुआ है। यहां पर लोग नौले-धारों या हैंडपंपों से जलापूर्ति कर रहे हैं।