बागेश्वर। 25 जनवरी का दिन जिले के लिए खुशी और गौरव का क्षण लेकर आया है। रविवार को जिले के दो महानुभावों को पद्म सम्मान प्रदान करने की घोषणा की गई। कपकोट के दूरस्थ गांव खेमिला, नामतीचेटाबगड़ में गोपाल सिंह कोश्यारी और मोतिमा देवी के घर जन्म लेने वाले भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण सम्मान मिलने की घोषणा के बाद पूरा जिला गौरवान्वित है।
भगत सिंह कोश्यारी का जन्म 17 जून, 1942 को हुआ था। कोश्यारी की भतीजी छाया कोश्यारी ने बताया कि उनके दादा की पहले आठ बेटियां हुई थी। दादी ने पुत्र होने को कामना के लिए कई मंदिरों में मनौती मांगी। नौवें नंबर पर भगत सिंह कोश्यारी का जन्म हुआ। बाद में उनके दो भाई जगत सिंह कोश्यारी और नंदन कोश्यारी हुए। बचपन से ही कोश्यारी को शिक्षा ग्रहण करने का शौक था।
परिवार की माली हालत बेहतर नहीं होने के बावजूद उन्होंने शिक्षा ग्रहण करने को प्राथमिकता दी। इसी पढ़ाई की बदौलत वह सफलता प्राप्त करते गए। हालांकि सफलता के बीच भी गांव उनके मन में बसा रहा। आज भी वह गांव में एक सामान्य ग्रामीण की तरह ही आना पसंद करते हैं। कोश्यारी को पद्मभूषण मिलने पर परिवार वाले बेहद खुश हैं।