गरुड़ के कोट भ्रामरी मंदिर में होली की चीर बाधते भेंटा के होल्यार
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भेंटा के गांव के होल्यारों ने सिद्धि के दाता विघ्न विनाशन गाकर रविवार को कोट भ्रामरी मंदिर में होली की चीर बांधी। भेंटा के ग्रामीण सौ साल से लगातार होली से पूर्व अष्टमी के दिन कोट भ्रामरी मंदिर में चीर बांधते आ रहे हैं।
भेंटा के ग्रामीण रविवार को अपने गांव के चौपाल में एकत्र हुए। वहां से गांव के होली डांगर नंदा बल्लभ लोहुमी के नेतृत्व में होली गायन करते हुए गरुड़ , बैजनाथ होते हुए कोट भ्रामरी मंदिर पहुंचे। होल्यारों ने मुख्य मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद प्राचीन रीति रिवाजों के साथ कोट भ्रामरी में चीर बांधी। होल्यारों ने लोहुमी के नेतृत्व में गिरजापति नंदन, आज कन्हैया रंग भरे, रंग की गागर सिर में धरै आदि होली के गीत गाये। मौके पर पूर्व प्रधान हरीश चंद्र लोहुुमी, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य जनार्दन लोहुमी, कैलाश चंद्र, केवलानंद, शंकर सिंह चिल्वाल, ललित आदि थे। भेंटा गांव के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य ने बताया कि गांव में वसंत पंचमी के दिन से होली गायन शुरू हो जाता है।