कौसानी/बागेश्वर। पर्यटन स्थली कौसानी बंगाली पर्यटकों से गुलजार होने लगी है। बंगाली सैलानी कौसानी की हसीन वादियों का लुत्फ उठा रहे हैं। बंगाली पर्यटकों के काफी संख्या में कौसानी आने से होटल व्यवसायियों के चेहरे खिल गए हैं।
कुमाऊं मंडल में 15 सितंबर के बाद से शुरू होने वाला बंगाली सीजन दिसंबर-जनवरी तक चलता है। मौसम साफ रहने के बाद कौसानी में बंगाली पर्यटकों के आने का सिलसिला शुरू हो चुका है। इन दिनों कौसानी बंगाली पर्यटकों से गुलजार है। बंगाली सैलानी मुख्य रूप से कौसानी, गांधी आश्रम कौसानी, अनाशक्ति आश्रम कौसानी, पंत वीथिका, पिनाकेश्वर, बागेश्वर, चौकोड़ी समेत पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी, थल, मिलम, नैनीताल, भीमताल, सातताल, नौकुचियाताल तक पहुंचते हैं। दुर्गा पूजा के बाद बंगाली पर्यटन सीजन में तेजी आई है। इस कारण होटल व्यवसायियों के चेहरे खिले हैं।
इन दिनों पहाड़ का मौसम सुहावना है। कौसानी से हिमालय का विहंगम दृश्य पर्यटकों को बरबस ही अपनी ओर आकर्षिक कर रहा है। पर्यटक सुबह तड़के ही सैर को निकल जाते हैं।
शौचालय नहीं होने से परेशान रहते हैं पर्यटक
कौसानी। अनाशक्ति आश्रम कौसानी के पास से हिमालय की नंदादेवी, पंचाचूली, नीलकंठ, चौखंभा, बदरीनाथ, त्रिशूल आदि चोटियां दिखती हैं। इस कारण इस जगह पर पर्यटकों की काफी भीड़ रहती है। इस स्थान पर सार्वजनिक शौचालय नहीं है। जिस कारण पर्यटकों को काफी दिक्कतों से जूझना पड़ता है। कई बार महिला पर्यटकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। कई दफा पर्यटक बच्चे रास्तों के किनारे खुले में ही शौच करने को मजबूर होते हैं। जिससे गंदगी हो जाती है।
कोट
कौसानी में काफी संख्या में बंगाली पर्यटक आ रहे हैं। मौसम साफ होने के बाद पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो गया है। इससे होटल व्यवसायियों को अच्छा लाभ मिलेगा। दीवाली तक बंगाली पर्यटकों की संख्या में और अधिक इजाफा होने की उम्मीद है।
बबलू नेगी, होटल एसोसिएशन अध्यक्ष कौसानी।